यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही है। परीक्षा को नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां बीते डेढ़ माह से चल रही हैं। आए दिन संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों व केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।
परीक्षा पर कड़ी नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाए जाने की भी बात की जा रही है। इस बार हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 94 हजार से अधिक छात्र छात्राओं को परीक्षा में शामिल हो रहे हैँ। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 181 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
29 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील, जबकि 7 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। डीआईओएस डा. आरपी वर्मा के अनुसार जिन केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है, उनमें विगत वर्ष परीक्षा के दौरान या तो परीक्षार्थी करीब करीब बैठे थे या फिर वहां विषय शिक्षक की तैनाती कक्ष निरीक्षक के रूप में की गई थी।
इन सभी तैयारियों के बीच शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन परीक्षा पर अभी से सवालिया निशान उठने लगे हैं। कारण यह कि चयनित केंद्रों में दो दर्जन से अधिक ऐसे कालेजों को भी परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं, जो मानक के अनुरूप नहीं हैं। कहीं फर्नीचर की कमीं है, तो कहीं प्रकाश व शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है।
इसके अलावा कुछ ऐसे भी केंद्र हैं, जहां खिड़कियों में दरवाजे नहीं हैं। ऐसे नकल रोकने को लेकर प्रशासन की तैयारियां कितनी कारगर साबित होंगी, वह आने वाला समय ही बताएगा।