अंबेडकरनगर। करीब 15 वर्ष पूर्व थानाक्षेत्र अहिरौली में हुए नाबालिग के अपहरण के मामले में न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त को सात साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। उसे दुष्कर्म के आरोप से मुक्त कर दिया गया। इस मामले में दो अन्य सह अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है। इसी केस में पूर्व में भी एक सहअभियुक्त को बरी किया जा चुका है।
अहिरौली थानाक्षेत्र के एक व्यक्ति ने वर्ष 2011 में खैरा गांव के रमेश उपाध्याय, दिलीप उपाध्याय, साबमती व उसके पति दलसिंगार पर अपहरण का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि यह लोग उसकी पुत्री को शादी का झांसा देकर अपने साथ अपहरण कर ले गए। उन्हाेंने बेटी के साथ दुष्कर्म किए जाने का भी केस दर्ज कराया था। इसी मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार चतुर्थ ने रमेश उपाध्याय को सात वर्ष की सजा के साथ अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि दिलीप उपाध्याय और साबरमती को संदेह के आधार पर दोष मुक्त कर दिया है। इसके अलावा राजेसुलतानपुर थानाक्षेत्र में गोरखपुर के रतनपुर गांव के शशिप्रकाश पर दर्ज मारपीट के केस में कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दोष स्वीकार करने के आधार पर 1500 रुपये का अर्थदंड लगाया है।