अंबेडकरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब 944 मतदान केंद्रों की बजाय 950 मतदान केंद्रों पर चुनाव होगा। अकबरपुर विकास खंड में एक केंद्र को जहां पूरी तरह समाप्त कर दिया गया, वहीं अन्य विकास खंडों में 7 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि मतदेय स्थलों की संख्या पूर्व की तरह ही 2754 ही है। इसके साथ ही 57 मतदान केंद्रों के या तो नाम बदल दिए गए या फिर स्थान बदल दिए गए हैं। यह परिवर्तन कहीं भवन जर्जर होने के चलते तो कहीं अन्य समुचित व्यवस्था न होने के चलते किया गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने, मतदाताओं को मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या न होने देने व मतदान के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन कराने को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। बताते चलें कि बीते दिनों पंचायत चुनाव को लेकर जो मतदान केंद्र की संख्या जारी की गई थी, उसके अनुसार 902 ग्राम पंचायतों के 944 मतदान केंद्रों के 2754 बूथों पर मतदान होना था। बीते दिनों ही डीएम सैमुअल पॉल एन के निर्देश पर सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों का स्थलीय जायजा लेने के बाद जो रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई, उसके बाद 57 मतदान केंद्रों के या तो नाम बदल दिए गए या फिर स्थान ही बदल दिया गया।
इसके साथ ही अकबरपुर विकास खंड के एक मतदान केंद्र को जहां समाप्त कर दिया गया, वहीं अन्य विकास खंडों में सात नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में अब 902 ग्राम पंचायतों के 950 मतदान केंद्रों पर चुनाव होंगे। हालांकि मतदेयस्थल में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पूर्व में भी 2754 मतदेयस्थल थे, जो अब भी वही हैं। कुछ मतदान केंद्रों पर बूथों की संख्या ज्यादा थी, वहां उन्हें विभक्त कर नए मतदान केंद्र बना दिए गए।
सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. महेशचंद्र द्विवेदी ने बताया कि जलालपुर विकास खंड में 8, भियांव में 2, टांडा में 8, बसखारी में 8, रामनगर में 8, जहांगीरगंज में 2, कटेहरी में 5, अकबरपुर में 9 व भीटी विकास खंड में 7 मतदान केंद्र के नाम व स्थान परिवर्तित किए गए हैं। बताया कि कुछ विद्यालयों के भवन जहां जर्जर हो चुके थे, उन केंद्रों को बगल स्थित नए भवन में शिफ्ट किया गया। कुछ स्थानों पर पूर्व में सरकारी भवन न होने के चलते रामलीला स्थल पर मतदान केंद्र बनाया गया था। वर्तमान स्थित में पंचायत भवन बनने के बाद मतदान केंद्र को पंचायत भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी प्रकार कुछ विद्यालय में कक्ष की तुलना में अधिक बूथ बनाए गए थे। कोरोना प्रोटोकाल को देखते हुए वहां के कुछ बूथों को बगल स्थित अन्य सरकारी भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है।