अंबेडकरनगर। डीएम ने मंगलवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बरियावन व बसखारी सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई खामियां मिलीं। उच्च प्राथमिक विद्यालय बरियावन में धन उपलब्ध होने के बावजूद छात्र-छात्राओं को ड्रेस नहीं मिली तो जूते की सिर्फ नाप ही अब तक ली जा सकी है। शौचालय व विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार मिला। परिसर में ही संचालित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय में सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखाया जा सका।
इस तरह की कई गड़बड़ियां मंगलवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र के विद्यालय निरीक्षण के दौरान सामने आईं। नाराज डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी को जहां टीम का गठन कर जांच कराने का निर्देश दिया वहीं सफाई कर्मी का 15 दिन का वेतन काटने का भी निर्देश दिया। सीएचसी बसखारी के निरीक्षण में भी विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियां सामने आईं। रजिस्टर पर दवाओं का अंकन तो था, लेकिन स्टॉक में दवाएं नहीं थीं। इस पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को पूरे मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया।
मंगलवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र उच्च प्राथमिक विद्यालय बरियावन पहुंचे। छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूली ड्रेस उन्हें अब तक नहीं मिली। जूते की नाप तो ले ली गई, लेकिन उसका वितरण नहीं किया जा सका है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी को अविलंब ड्रेस व जूता वितरण कराए जाने का निर्देश दिया। शौचालय में व्यापक गंदगी मिली। शिक्षकों ने बताया कि सफाईकर्मी की लापरवाही के चलते गंदगी है। इस पर डीएम ने सफाईकर्मी श्रीराम का 15 दिन का वेतन काटे जाने का निर्देश दिया। परिसर में संचालित इंग्लिश मीडियम विद्यालय में स्टॉक रजिस्टर नहीं दिखाया जा सका। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
डीएम इसके बाद सीएचसी बसखारी पहुंच। ओपीडी कक्ष में पर्ची तो काटी जा रही थी, लेकिन पर्ची पर न तो बीमारी और न ही चिकित्सक का नाम लिखा जा रहा था। पर्ची कक्ष में गैस सिलेंडर व चारपाई रखी मिली। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कर्मचारी को फटकार लगाई और कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया। बगैर किसी सूचना के नदारद वार्डब्वाय मोहम्मद निसार के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। मरीज कक्ष में खराब पड़ी टीवी को अविलंब दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
स्टॉक रजिस्टर की जांच में दवाएं तो अंकित थीं, लेकिन वह दवाएं स्टॉक में नहीं थीं। इस पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी को पूरे मामले की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। लैब में गंदगी पाए जाने पर लैब टेक्नीशियन वीरेंद्र से स्पष्टीकरण मांगे जाने का निर्देश दिया।