अंबेडकरनगर। जिले के 409 कॉलेज के लगभग एक लाख छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति अधर में लटकने की संभावना बढ़ गई है। कारण यह कि संबंधित कॉलेज से जुड़े छात्रवृत्ति के लिए नामित नोडल प्रभारियों ने अब तक बायोमीट्रिक नहीं कराया है। ऐसा न होने से योजना का लाभ लेने वाले छात्र-छात्राओं के आवेदन का सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
समाज कल्याण विभाग ने नोडल प्रभारियों व प्रधानाचार्यों को अतिशीघ्र बायोमीट्रिक कराए जाने के निर्देश दिए हैं। छात्र-छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति में पारदर्शिता लाने के लिए कॉलेज के प्रधानाचार्य के साथ ही नामित किए गए नोडल प्रभारियों के बायोमीट्रिक की व्यवस्था की गई है। समाज कल्याण कार्यालय के अनुसार जिले में 986 कॉलेज में यह व्यवस्था की गई है। इसमें 324 डिग्री कॉलेज, 284 इंटर कॉलेज, 378 हाईस्कूल स्तर के कॉलेज हैं।
अब तक 580 कॉलेज के प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारी बायोमीट्रिक करा चुके हैं। इसमें 190 डिग्री कॉलेज, 195 इंटर व 195 हाईस्कूल स्तर तक के कॉलेज के प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारी शामिल हैं। 409 कॉलेज के प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारियों के बायोमेट्रिक न कराने से संबंधित कॉलेज के लगभग एक लाख छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति अधर में लटकने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल बायोमीट्रिक के बाद ही संबंधित प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारी आवेदनों का सत्यापन कर उसे अग्रसारित करा सकेंगे।
दिया गया निर्देश
जिला समाज कल्याण अधिकारी विक्रम कौशल ने बताया कि संबंधित प्रधानाचार्य व नोडल प्रभारियों को पत्र भेजकर जल्द से जल्द बायोमीट्रिक कराए जाने का निर्देश दिया गया है।