एक सप्ताह से सरयू नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के बाद मंगलवार को इसमें गिरावट शुरू हो गई। सोमवार को जलस्तर खतरे के लाल निशान से पांच सेमी ऊपर था। मंगलवार को जलस्तर 92.55 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के लाल निशान से 18 सेमी. नीचे है।
जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेमी की हो रही कमी से एक तरफ जहां निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं कटान की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने कटान की आशंका को देखते हुए प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
बीते कुछ दिनों से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी। इससे माझा उलटहवा के तीन गांव दिलशेर का पूरा, बाबूराम का पूरा व जालिम का पूरा पूरी तरह टापू में बदल गए थे। डेढ़ दर्जन गांव माझा उलटहवा, माझा अवसानपुर, माझा कला, माझा डुहिया, माझा छज्जापुर, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा चिंतौरा, माझा मुबारकपुर आदि के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया था।
इससे संबंधित गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। इस बीच सोमवार से जलस्तर में कमी होना शुरू हो गई। रविवार को जलस्तर 12 सेमी ऊपर था, वहीं सोमवार की शाम चार बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से पांच सेमी ऊपर था।
मंगलवार को तेजी से जलस्तर में कमी होते यह 18 सेमी. नीचे पहुंच गया। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर 92.55 मीटर दर्ज किया गया।
तहसीलदार राजेश सिंह ने बताया कि प्रशासन लगातार जलस्तर पर निगाह रखे हुए है। कटान वाले क्षेत्रों पर भी निगाह रखी जा रही है। फिलहाल, कटान नहीं हो रही है।