टांडा के मांझा उल्टहवा में कटान करती सरयू नदी।
अंबेडकरनगर। सरयूू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ नालों में पानी भरने लगा है। टांडा तहसील के सबसे दूरस्थ गांव माझा उलटहवा चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। अभी पानी गांवों में तो नहीं पहुंचा है, लेकिन खेतों और कच्चे पक्के मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 19 सेमी अधिक हो चुका है। इसका असर टांडा और आलापुर क्षेत्रों में दिखने लगा है। प्रशासनिक मदद से से सबसे अधिक दूरी पर टांडा की ग्राम माझा उलटहवा और मांझा चिंतौरा के मजरा कला माझा हैं। माझा उलटहवा के सात मजरों के अलावा माझा चिंतौरा नदी के दूसरे छोर पर बस्ती जनपद की सीमा में है। इन गांवों के इर्द गिर्द सात नाले हैं जो बाढ़ के पाने से भर गए हैं। अब पानी खेतों और कच्चे पक्के रास्तों व पगडंडियों की ओर रुख कर गया है। कई रास्तों पर जलभराव हाेने से लोग नदी के किनारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कटान से लोगों के खेत नदी में समां रहे हैं। पिछले दो दिन में नदी का रुख बदलने के बाद तेजी से कटान हुआ। मस्तराम बताते हैं कि लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। बृजेश यादव ने बताया कि अभी तक गांव से मोटर साइकिल से नदी किनारे तक आ जाते थे और यहां से नाव के सहारे गांव पार कर जाते थे। अब स्थिति यह है कि कच्चे मार्गों पर चलना दूभर हो गया है। गांव में परिवहन का अन्य कोई संसाधन नहीं है। ग्राम प्रधान शिवप्रसाद ने बताया कि तहसील प्रशासन को लगातार सूचना दी जा रही है। एसडीएम अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि गांव के हालात पर नजर है। पानी भरने पर सुरक्षित स्थान पर पलायन कराया जाएगा।
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24 घंटे में दिखेगा असर
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अयोध्या में बढ़े जलस्तर का असर आलापुर तहसील क्षेत्र में भी 24 घंटे में दिखेगा। मांझा कम्हरिया व कम्हरिया क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पटपरवा व बद्री के पूरा की दूरी पहले लगभग 156 मीटर थी, वही यह दूरी घटकर अब लगभग 150 मीटर पर पहुंच गई है। ग्रामीण राजेश कैलाश संजय व रामचंद्र ने बताया कि काटन तेजी से हो रही है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता गया तो कटान और बढ़ जाएगा। साथ ही बाढ़ की स्थिति भी बन जाएगी। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है जो खतरे के निशान से अभी नीचे है। ग्रामीणों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।