राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी में उफान से माझा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी इन गांंवों की आबादी के बेहद नजदीक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार दोपहर तक इलाके के लगभग 100 बीघा खेत जलमग्न हो गए। उनमें लगी फसल डूब गई हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए कई गांवों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है। गांव के रास्ते पानी में डूबने लगे हैं। सरयू का पानी एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहा है। इसका कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश को बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जलस्तर 28 सेमी. बढ़कर 85.42 मीटर पर पहुंच गया। इसके साथ नदी का पानी चेतावनी बिंदु 84.56 मीटर से 86 सेमी. ऊपर पहुंच गया है।
नदी के उफनाने से पानी तेजी से गांवों की तरफ बढ़ रहा है। अब तक लगभग एक दर्जन गांव तक पानी पहुंचने की आशंका बनी है। बृहस्पतिवार को कम्हरिया, माझा कम्हरिया, अराजी देवारा, लोनी का पूरा, हंसू का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, सिद्धनाथ का पूरा, पटरवा, सत्यनरायन का पूरा, रग्घू का पूरा, निषाद बस्ती, बद्री का पूरा गांव के निकट पानी पहुंच गया है।
इटौरा ढोलीपुर के परमात्मा और राघवेंद्र ने कहा कि नदी का गांव के बेहद नजदीक पहुंच गया है। इसी प्रकार से जलस्तर बढ़ता रहा तो शुक्रवार को गांव के अंदर पानी पहुंचने का खतरा है। माझा कम्हरिया के राधेश्याम, रामपियारे व सतीराम ने बताया कि नदी का पानी गांव के करीब आ गया है। आशंका है कि शुक्रवार तक गांव की गलियों में पानी पहुंच जाएगा। अराजी देवारा के रामधनी व रामआसरे ने कहा कि गांव में पानी पहुंचने से आवागमन मुश्किल हो जाएगा।
किसानों को सता रही फसल बर्बाद होने की चिंता
सरयू का जलस्तर बढ़ने से लगभग 100 बीघा खेत बृहस्पतिवार को जलमग्र हो गए। इनमें ज्यादातर खेतों में धान की फसल लगी है। किसानों का कहना है कि खेतों में भरने से धान की फसल के गलने की आशंका है। इससे किसानों को बड़ी चपत लग सकती है। इटौरी ढोलीपुर के परमात्मा व राघवेंद्र ने कहा कि उनकी 10 बीघा धान की फसल जलमग्न हो चुकी है। माझा कम्हरिया के सीताराम व आद्या प्रसाद ने कहा कि उनकी 16 बीघा फसल पानी में डूब चुकी है।
बाढ़ चौकियों को किया सतर्क
नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही। दिन में दो बार जलस्तर के बारे में जानकारी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।
-डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम