सरयू नदी का जलस्तर उफान के बाद स्थिर हो गया है। 24 घंटे के दौरान जलस्तर में बढ़त नहीं दर्ज हुई है। नदी में पानी खतरे के लाल निशान से करीब 45 सेमी. नीचे है। रविवार को बाराबंकी में नदी के जल स्तर में गिरावट दर्ज होने के बाद मंगलवार तक अंबेडकरनगर में भी स्तर में कमी आने की उम्मीद है। खतरे के निशान से पहले पानी के स्थिर होने से आसपास के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
नदी के जल स्तर में तीन दिनों से तेज वृद्धि हो रही थी। नदी में पानी खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा था। एक-दो बार जल स्तर में मामूली कमी हुई, लेकिन उसके बाद फिर से जल स्तर बढ़ने लगता। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 50 सेमी नीचे था जबकि बाद में हुई वृद्धि के चलते रविवार को नदी का पानी खतरे के निशान के और करीब पहुंच गया।
इससे मांझा व नजदीकी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई। उनके सामने फसलों के डूबने के साथ ही पशुओं के चारे का संकट खड़ा होने लगा। कई गांव के लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने की तैयारी करने लगे। इस बीच रविवार दोपहर बाद नदी का जलस्तर स्थिर होने लगा। रात भर पानी स्थिर रहने के बाद सोमवार सुबह भी जल स्तर में कोई बढ़ोत्तरी नहीं दर्ज हुई।
सोमवार शाम तक नदी का जलस्तर स्थिर बना था। इससे ग्रामीणों के साथ ही संबंधित अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। बाढ़ प्रखंड फैजाबाद के अधिशाषी अभियंता जेपी यादव के मुताबिक सरयू नदी का जल स्तर सोमवार को बाराबंकी में रविवार की अपेक्षा 19 सेमी नीचे दर्ज हुआ है।
इसका असर शाम तक फैजाबाद व अंबेडकरनगर में इसलिए नहीं पड़ा क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों में दिन भर मूसलधार बारिश होती रहती। उम्मीद है कि मंगलवार को और नदी का पानी 15 से 20 सेमी और कम हो जाएगा। यदि इस बीच और तेज बारिश न हुई तो।
अपर जिलाधिकारी गिरिजेश त्यागी के अनुसार सरयू नदी के जल स्तर को लेकर लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम कर रखें। बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है।