मामूली घटा जलस्तर, मुश्किलें बरकरार
- सरयू के जलस्तर में चार सेमी. की आई कमी, कटान की आशंका बढ़ी
फोटो 25 व 26
माई सिटी रिपोर्टर
टांडा/ऱाजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के जलस्तर में शनिवार को 4 सेमी की कमी दर्ज हुई। हालांकि, माझा क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें अब भी बरकरार हैं। नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मवेशियों के सामने चारे का संकट बढ़ गया है। उधर, जलस्तर गिरने से कटान की संभावना बढ़ गई है।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। एक दिन पहले सरयू नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 25 सेमी. ऊपर 92.98 सेमी दर्ज किया गया था। जलस्तर बढ़ने से माझा उलटहवा, माझा अवसानपुर, आसोपुर, माझा चिंतौरा, माझा करमपुर बरसावां, माझा इस्माइलपुर बेलदहा समेत आधा दर्जन गावों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी। दरअसल, जिस रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही थी, उससे ऐसा लग रहा था कि शनिवार शाम तक बाढ़ का पानी गांव के पास पहुंच जाएगा। हालांकि तमाम आशंकाओं के बीच शनिवार को सुबह से ही जलस्तर में धीमी गति से कमी होने लगी। शाम चार बजे तक जलस्तर चार सेमी घटकर 92.94 सेमी पर पहुंचकर रुक गया।
जलस्तर में होने से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, लेकिन उनकी मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। दरअसल बाढ़ का पानी माझा क्षेत्र के खेतों में पहुंच गया है। इससे संबंधित क्षेत्र के मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण रामलखन व बरखू ने कहा कि चारे की समस्या उत्पन्न होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कहा कि खेत में पानी भरा होने के चलते चारे का संकट खड़ा हो रहा है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाना चाहिए। इस बीच जलस्तर में कमी होने से संबंधित क्षेत्र में कटान की संभावना से ग्रामीणों में चिंता व्याप्त हो गई है। राजेसुल्तानपुर के हंसू के पूरा में पानी भर जाने से छात्र-छात्राओं को नाव से विद्यालय जाने को विवश होना पड़ रहा है। उधर, एडीएम अमरनाथ राय ने कहा कि प्रशासन जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह जमाए हुए है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। चारे की कोई कमी नहीं है। यदि कहीं चारे की जरूरत पड़ी तो उपलब्ध कराया जाएगा। जलस्तर में कमी होने से कटान की भी कोई संभावना अभी नहीं है। कटान रोकने को लेकर जरूरी कदम उठाए गए हैं।