राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। बारिश से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते सरयू के किनारे कटान का सिलसिला भी शुरू हो गया है। आलापुर तहसील क्षेत्र में सरयू की कटान में करीब 40 बीघा कृषि भूमि समाहित हो चुकी है। इससे किसानों में दहशत का माहौल है। कटान रोकने के लिए बाढ़ प्रखंड की ओर से किए गए प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश के चलते जिले में एक हफ्ते से सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके बावजूद बाढ़ प्रखंड की ओर से कटान रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इसके चलते नदी के किनारे के गांवों के लोग कटान को लेकर डरे हुए थे। शनिवार से आलापुर क्षेत्र के इटौरा ढोलीपुर के पास सरयू ने कटान शुरू कर दी। कटान से किसानों में दहशत का माहौल है।
कटान से कृषि भूमि के साथ गांव के राघवेंद्र सिंह की अमरुद की बाग भी नदी में समाहित होती जा रही है। मधुबन सिंह, यशवंत सिंह, तालुकदार सिंह, प्रभाकर त्रिपाठी, कृपाशंकर सिंह, उदयभान यादव, वीपत निषाद, परमात्मा सिंह आदि के खेत का काफी हिस्सा पानी में समा चुका है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे इटौरा ढोलीपुर के साथ कम्हरिया घाट, आराजी देवारा आदि गांवों के किसानों को भी कटान लेकर चिंता होने लगी है।
कटान रोकने के कार्य पर उठ रहे सवाल
सरयू नदी की कटान रोकने के लिए करीब साढ़े चार करोड़ की लागत से करीब 250 मीटर की दूरी में जियो ट्यूब का निर्माण कराने के साथ ही ड्रेजर मशीन से करीब एक किलोमीटर तक तटों को सुरक्षित करना था। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त कार्य ठीक नहीं कराया गया। क्षेत्र के भावेश सिंह गंगे का आरोप है कि कटान रोकने के नाम पर सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी की गई। ठीक से कार्य नहीं कराए जाने के चलते ही कटान शुरू हो गई है। नदी का जल स्तर और बढ़ने पर कटान की स्थिति भयावह होने की आशंका है। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो बहुत से लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
वर्जन
स्थिति पर रखी जा रही नजर
सरयू नदी के जलस्तर पर पूरी नजर है। अभी कटान की सूचना नहीं मिली है। बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।
-सौरभ शुक्ल, एसडीएम