अंबेडकरनगर। सपा, बसपा और कांग्रेस नेता जातीय जनगणना कराए जाने की बात कर रहे हैं। जब उनकी सरकारें थीं तो उन्होंंने जातीय जनगणना क्यों नहीं कराई। बिहार में नितीश सरकार ने जातीय जनगणना के लिए बजट पास किया है। यह बातें रविवार को सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहीं। वे अकबरपुर नगर स्थित सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की।
ओमप्रकाश ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे अल्पसंख्यकों का वोट हासिल करने के लिए बढ़-चढ़कर बातें तो करते हैं लेकिन उनके लिए किया कुछ नहीं। सपा ने अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाया तो बसपा ने दलितों को। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा व कांग्रेस जातिगत जनगणना कराए जाने की मांग कर रही है। इन सभी से हम पूछना चाहते हैं कि जब उनकी सरकारें थीं तो उस समय जातिगत जनगणना कराने की याद क्यों नहीं आई। उन्हें इसके लिए ठोस कदम उठाना चाहिए था। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ बात नहीं की, बल्कि राज्य में जातिगत जनगणना कराए जाने की घोषणा कर दी। इसके लिए बजट भी पास किया। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला करते हुए कहा कि उनकी उम्र्र अधिक हो गई है। इसके चलते वे अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं।
किसी भी पार्टी से नहीं करेंगे गठबंधन
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर अभी किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर रहे हैं। किसी सरकार में भी शामिल नहीं होंगे। सात अक्टूबर को गांधी मैदान पटना में वंचित शोषित जनजागरण रैली का आयोजन होगा। इसके बाद जनता का जो निर्णय होगा उसी के अनुसार काम किया जाएगा। उन्होंने बीते दिनों अपने बेटे पर हुए हमले के मुद्दे पर कहा कि यह हमला समाजवादी पार्टी ने कराया है। कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश कहते हैं कि दलितों व पिछड़ों का हक कांग्रेस व भाजपा ने मारा है। मायावती दलितों और अखिलेश पिछड़ों की राजनीति कर रहे हैं। ऐसे में दोनाें लोग एक-दूसरे के साथ क्यों नहीं आ रहे हैं।