पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर लगभग चार सेंमी बढ़ा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 92.220 मीटर नापा गया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 51 सेमी नीचे है। जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी माझा उल्टहवा गांव के निकट पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। उधर प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है।
सरयू नदी के जलस्तर में बीते दो दिनों से हो रही वृद्धि का सिलसिला मंगलवार तक जारी रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते बीते 24 घंटे में नदी के जलस्तर में चार सेमी की वृद्धि हुई है। मंगलवार नदी का जलस्तर 92.220 मीटर नापा गया। जलस्तर के बढ़ने से बाढ़ का पानी माझा उलटहवा गांव के निकट पहुंच गया है। इससे संबंधित गांव के ग्रामीणों में हड़कंप का माहौल है। दरअसल यह गांव तीन तरफ से नदी के पानी से घिरा हुआ है। टांडा नगर आने जाने के लिए मात्र एक ही रास्ता है। ऐसे में यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो वह रास्ता भी जलमग्न हो जाएगा, जिससे गांव का संपर्क नगर से टूट जाएगा। इसके अलावा माझा करमपुर, बरसावां, अवसानपुर, सहजौर, नैपुरा, आसोपुर, चिंतौरा, फूलपुर आदि गांव के लोग भी बाढ़ को लेकर परेशान हैं। उधर तहसीलदार राजेश सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है। जलस्तर खतरे के लाल निशान से अभी काफी नीचे है। यदि बाढ़ जैसी स्थिति आती है, तो उससे निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।