राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर) सरयू नदी के जलस्तर घटने से जहां ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं कटान को लेकर किसान चिंतित भी हैं। सोमवार को भी माझा कम्हरिया क्षेत्र में कटान का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 40 बीघा खेत नदी में समा गया है। संक्रमण से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर दवाओं का वितरण शुरू कर दिया है।
जैसे-जैसे जलस्तर में कमी हो रही है सरयू नदी से कटान का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार को नदी के निकटवर्ती गांव के लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन कटान में अभी कोई कमी नहीं हुई है। सोमवार को भी आधा दर्जन से अधिक किसानों का लगभग दस बीघा खेत नदी में समा गया। इसमें इटौरा ढोलीपुर के यशवंत सिंह, तालुकदार सिंह, हृदय नारायण त्रिपाठी, राघवेंद्र सिंह, परमात्मा सिंह, जयप्रकास लाल श्रीवास्तव, लालचंद यादव व कृपाशंकर सिंह के अलावा माझा कम्हरिया के किसान कोदई निषाद, बंसीलाल, सतीराम, संगीता, रामचंद्र, राजेंद्र, योगेंद्र निषाद, रामपलट, रामअचल व लल्लन के खेत शामिल हैं। किसानों के अनुसार अब तक लगभग 40 बीघा खेत इस बार नदी में समा चुका है। उधर एसडीएम आलापुर सदानंद सरोज ने बताया कि प्रशासन की ओर से खाद्यान्न व अन्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के लिए भूसा भी उपलब्ध है। प्रतिदिन क्षेत्र का भ्रमण कर रिपोर्ट ली जा रही है।
कम्हरिया व अराजी में लगा स्वास्थ्य कैंप
बाढ़ के बाद फैलने वाले संक्रामक रोग की रोक थाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को जहांगीरगंज सीएचसी की दो टीम ने अराजी देवारा के दर्शननगर व माझा कम्हरिया में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया। जहांगीरगंज सीएचसी प्रभारी डाॅ. उदय चंद ने बताया कि दोनों स्थानों पर कैंप लगा कर दवाओं का वितरण किया जा रहा है। साथ ही आशा व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी भ्रमण कर जानकारी लेते रहने का निर्देश दिया गया है।
नहीं है पुख्ता इंतजाम
माझा कम्हरिया के किसान फूलचंद यादव व रामचन्द्र ने कहा कि जब तक प्रशासन कटान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा तब तक हर वर्ष किसानों के खेत नदी में समाते रहेंगे। विजय यादव व भावेश सिंह ने कहा कि बाढ़ खंड वाराणसी की ओर से ड्रेजर मशीन से धारा परिवर्तित कर जिओ ट्यूब लगाने का कार्य किया गया था, लेकिन उससे कोई प्रभाव नही पड़ा।