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सरयू के जलस्तर में वृद्धि से दहशत

Wed, 06 Jul 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के टांडा में बुधवार को उफनाई सरयू नदी। - फोटो : अमर उजाला
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खतरे के लाल निशान की तरफ सरयू नदी के बढ़ने से तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों में खौफ दिखाई पड़ने लगा है। नदी का पानी अभी हालांकि खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
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उधर, तहसील प्रशासन का कहना है कि बाढ़ चौकियों को सतर्क करने के साथ ही कर्मचारियों को भी 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया है। टांडा तहसील से होकर गुजरने वाली सरयू नदी के जलस्तर में होने वाली वृद्धि ने तटवर्ती ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ानी शुुरू कर दी है।

नदी का पानी हालांकि अभी आबादी तक नहीं पहुंचा है लेकिन जिस तरह से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे एक-दो दिन में ही नदी का पानी खतरे का लाल निशान पार कर जाने को बेताब दिख रहा है। मंगलवार ी सुबह आठ बजे नदी का पानी खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 98 सेमी नीचे था।
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वहीं बुधवार सुबह नदी का पानी खतरे के निशान से 82 सेमी नीचे ही रह गया। बुधवार सुबह तक नदी का पानी 91.91 मीटर पर पहुंच गया था। नदी के जलस्तर में हो रही इस वृद्धि को लेकर ही निकटवर्ती ग्रामीणों में खौफ का माहौल दिखने लगा है।

सरयू नदी के पानी में उफान से मांझा उल्टहवा, मांझा कला, करमपुर बरसावां, चिंतौरा व अवसानपुर समेत लगभग आधा दर्जन गांव प्रभावित हो सकते हैं। इनके अलावा कई अन्य गांव तथा टांडा नगर के कई मोहल्ले भी सरयू में उफान आने पर बाढ़ से प्रभावित हो जाते हैं। कई मोहल्लों में नदी का पानी घरों तक प्रवेश कर जाता है।

ऐसे में ग्रामीणों से लेकर शहरियों तक की चिंता सरयू नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से बढ़ती दिख रही है। सबसे ज्यादा मुश्किल मांझा क्षेत्र में रहने वाले आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों की है। पानी से चारों तरफ से घिर जाने की स्थिति में न सिर्फ लोगों का आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है, वरन पशुओं के चारे आदि का संकट भी खड़ा हो जाता है।

जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए मांझा निवासी चंद्रभान व जगधारी आदि ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते उनके लिए आवश्यक प्रबंध तय कर दिए जाएं। खाद्य सामग्रियों से लेकर अन्य व्यवस्था अभी से ही उपलब्ध करा दी जाए जिससे बाढ़ आने पर मुसीबतों का सामना न करना पड़े। 
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