पहाड़ों पर हो रही बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे का लाल निशान 92.73 मीटर को पार कर गया। नदी खतरे के निशान से सात सेमी ऊपर बह रही है। उफनाई सरयू से एक तरफ जहां माझा क्षेत्र की 500 बीघा से अधिक की फसल जलमग्न हो गई।
वहीं करीब छह गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। मोहल्ला नेहरूनगर व मेहनिया के भी बाढ़ के पानी से घिरने की स्थिति बन गई है। जिस प्रकार से लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे शीघ्र ही बाढ़ का पानी माझा क्षेत्र के घरों तक पहुंचने की आशंका है। प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
नदी का जलस्तर मंगलवार शाम चार बजे 92.80 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से महज चार सेमी. ही नीचे था। ऐसे में लोगों को आशंका थी कि मंगलवार सुबह तक जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर जाएगा।
हुआ भी ऐसा। मोहल्ला नेहरूनगर व मेहनिया बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलस्तर में इसी प्रकार से वृद्धि होती रही तो मंगलवार देर रात तक घरों में भी पानी पहुंच जाएगा।
इसके अलावा मोहल्ला छज्जापुर, मुसहा, तलवापार नई बस्ती, कश्मीरिया, नई बस्ती में मंगलवार देर रात तक बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। उधर, बाढ़ के पानी का कहर माझा क्षेत्र की फसलों पर भी टूटा है। लगभग 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
माझा अवसानपुर, करमपुर बरसावां, माझा चिंतौरा, माझा कला, माझा छज्जापुर, माझा उलटहवा, माझा केवटला मंगलवार शाम तक बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर चुका था। बाढ़ के कहर को देखते हुए संबंधित गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में लग गए हैं।
सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान पार करने के साथ ही थिरुआ नाला भी उफनाने लगा है। इससे नगरीय क्षेत्रों में नालियों के माध्यम से बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो गया है। नेहरूनगर, मेहनिया समेत लगभग कई मोहल्लों में थिरुआ नाले का पानी नालियों के माध्यम से पहुंच रहा है।