अंबेडकरनगर के टांडा में सरयू के पानी से बर्बाद हो गई धान की फसल।
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सरयू में आए उफान से शनिवार को एक तरफ जहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 25.5 सेंमी. ऊपर पहुंच पहुंच गया, वहीं लगभग सौ बीघा धान की फसल फिर से डूब गई। बीते दिनों जलस्तर बढ़ने के चलते भी इन खेतों में पानी भर गया था। इससे फसलों के सड़ने की आशंका है। उधर, जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क करते हुए कर्मचारियों की तैनाती कर दी है।
गौरतलब है कि बीते दिनों सरयू के जलस्तर में गिरावट के बाद दो दिनों से एक बार फिर से वृद्धि होने लगी है। शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 92.985 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 25.5 सेंमी. ऊपर है। जलस्तर में वृद्धि होने के चलते माझा उलटहवा के तीन गांवों दिलशेर का पूरा, जालिम का पूरा व बाबूराम का पूरा के लोगों के समक्ष पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
माझा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, छज्जापुर, माझा कला व चिंतौरा गांव की लगभग सौ बीघा धान की फसल एक बार फिर डूब गई है। ये फसलें बीते दिनों भी जलस्तर बढ़ने से डूब गई थीं। ऐसे में यदि शीघ्र ही पानी नहीं निकला तो फसलों के सड़ने की आशंका बढ़ जाएगी।
इसके अलावा बाढ़ का पानी माझा नैपुरा, सलारपुर, औरंगाबाद, सहजौरा, मीरानपुर, बभनपुरा, कटरिया, ढेलमऊ, रायपुर, महरीपुर, सलारपुर राजौर व बहादुरपुर गांव के निकट पहुंच गया। उधर जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। एसडीएम पंकज ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 14 नावें उतारी गई हैं। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।