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सरयू ने माझा क्षेत्र के गांवों में शुरू की कटान

Sat, 20 Aug 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के माझा क्षेत्र में इस तरह शुरू हो गई है मिट्टी की कटान। - फोटो : अमर उजाला
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सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही गिरावट के चलते कटान का दौर शुरू हो गया है। हालांकि अभी इसमें ज्यादा तेजी नहीं है लेकिन फिर भी कटान का दबाव बना रहने से नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लगभग पांच हजार ग्रामीणों में चिंता बढ़ चली है। नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से 39 सेमी नीचे पहुंच गया।
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इससे माझा कला, चिंतौरा और करमपुर बरसावां में धीरे-धीरे कटान होने लगी है। ऐसे में संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन  से समय रहते आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की है। सरयू नदी के जलस्तर में इन दिनों तेजी से कमी हो रही है। इससे कटान का दबाव भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल जब नदी का जलस्तर बढ़ता है, तब कटान का खतरा नहीं रहता।

उस समय बाढ़ की विभीषिका ही लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी रहती है। हालांकि जब जलस्तर में कमी व वृद्धि का दौर कई बार चलता रहता है तो उसके बाद ही कटान का खतरा बढ़ जाता है। इन दिनों नदी का जलस्तर कई बार उतार-चढ़ाव के बाद अब तेजी से कम हो रहा है। यही वह परिस्थिति है जब कटान की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।
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शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 39 सेमी नीचे पहुंच गया। तेजी से घटते जलस्तर के बीच कटान का भी दौर शुरू हो गया है। माझा कला, चिंतौरा व करमपुर बरसावां में कई स्थानों पर मिट्टी धंसने व खिसकने की घटनाएं हुई हैं। इससे ग्रामीणों के बीच चिंता व्याप्त है। ग्रामीण अच्छेलाल व नरसिंह ने बताया कि पानी तेजी से कम हो रहा है, इसलिए कई जगह मिट्टी खिसक रही है।

प्रशासन को ऐसे में सतर्क रहना होगा। ग्रामीण रामनिहोर ने कहा कि कटान के खतरे को देखते हुए ग्रामीण एहतियात बरत रहे हैं। इस बीच सोमवार को नदी जलस्तर जहां खतरे के निशान से ऊपर था, वहीं मंगलवार से जलस्तर में कमी शुरू हो गई। गुरुवार शाम चार बजे जलस्तर 92.55 मीटर पर था तो शुक्रवार सुबह घटकर 92.52 मीटर पर  पहुंच गया।

शुक्रवार दोपहर बाद एक बार फिर से जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई। बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा के अनुसार शुक्रवार शाम जलस्तर 92.55 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान 92.73 मीटर से 18 सेंमी. नीचे था।

इस बीच शनिवार को सरयू नदी खतरे के निशान से 39 सेंमी. नीचे पहुंचकर 92.74 मीटर पर दर्ज हुई। जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट के चलते निकटवर्ती क्षेत्र माझा उलटहवा, माझा डुहिया, माझा  केवटला, माझा चिंतौरा, माझा  इस्माइलपुर बेलदहा, माझा छज्जापुर, माझा  मुबारकपुर, माझा फूलपुर समेत डेढ़ दर्जन गांवों में कटान की आशंका बढ़ गई है।

इससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। माझा उलटहवा के झगरू व हरीश, डुहिया के रंगीलाल, चिंतौरा के महावीर व जगदीश तथा इस्माइलपुर बेलदहा के मुंदर ने कहा कि जिस तरह जलस्तर में गिरावट दर्ज हो रही है, उससे कटान की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से कटान रोकने के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

 सरयू के जलस्तर में तेजी से हो रही गिरावट के बीच कटान के खतरे को देखते हुए बाढ़ प्रखंड ने भी निगरानी बढ़ा दी है। दरअसल इस बार बाढ़ से कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसे देखते हुए प्रशासन नदी के जलस्तर में तेजी से कमी होने के दौरान भी सबकुछ सामान्य बने रहने के लिए लगातार सजग बना हुआ है।

बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगातार नजर रखी जा रही है। कुछ जगहों पर मिट्टी धंसी होगी तो उससे घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कहीं कोई खास समस्या होती है तो उससे पहले ही बाढ़ प्रखंड आवश्यक इंतजाम करेगा।

एसडीएम मदनचंद्र दुबे ने बताया किसरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कटान न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। कटान प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।
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