अंबेडकरनगर। कड़ी निगरानी के बीच आगामी 19 मार्च से जिले के 12 केंद्रों पर संस्कृत बोर्ड की परीक्षा शुरू होगी। परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए सचल दल की चार टीमें लगाई गई हैं। वहीं डीआईओएस कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से परीक्षा पर ऑनलाइन निगाह रखी जाएगी। 4 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा देने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए डीआईओएस कार्यालय ने सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए जाने का दावा किया है। इस संबंध में मंगलवार को डीआईओएस कार्यालय परिसर में संबंधित परीक्षा केंद्र के प्रबंधक व प्रधानाचार्य की बैठक में जरूरी दिशा-निर्देश दिये गए। कहा गया कि परीक्षा तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
यूपी बोर्ड परीक्षा को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के बाद अब डीआईओएस कार्यालय का पूरा ध्यान संस्कृत बोर्ड परीक्षा को शांतिपूर्ण व नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने की तैयारी में है। डीआईओएस कार्यालय के लिपिक राजेश कुमार ने बताया कि आगामी 19 मार्च से जिले के 12 केंद्रों पर परीक्षा होगी। 31 मार्च तक चलने वाली परीक्षा में 4 हजार 188 परीक्षार्थी भाग लेंगे। परीक्षा को सकुशल व नकलविहीन निपटाने के लिए सभी परीक्षा कक्ष में न सिर्फ सीसीटीवी कैमरा, बल्कि वॉयस रिकार्डर भी लगाया गया है। परीक्षा को नकलविहीन निपटाने के लिए डीआईओएस कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से राउटर द्वारा सीसीटीवी कैमरे को जोड़ा गया है। इससे ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। इसके अलावा सचल दल की चार टीमें भी लगातार परीक्षा पर पैनी निगाह रखेंगी।
इस बीच मंगलवार को डीआईओएस कार्यालय परिसर में डीआईओएस विनोद सिंह की अध्यक्षता में संबंधित परीक्षा केंद्र से संबंधित प्रबंधक व प्रधानाचार्यों की बैठक हुई। डीआईओएस ने निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा प्रारंभ होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाएं। सीसीटीवी कैमरे लगातार चलते रहें। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो-दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाए। कक्ष निरीक्षकों व परीक्षार्थियों के पास परिचय पत्र अवश्य होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान यदि कोई बगैर परिचय पत्र के मिला, तो संबंधित प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डॉ. तारा वर्मा, शशिकांत आदि मौजूद रहे।