फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन कार्यकर्त्रियों का वेतन रोका

Wed, 29 Jul 2015 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
पांच सहायिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया। इस दौरान पाया गया कि कई केंद्रों पर बच्चों को हाटकुक्ड योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहीं मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा, तो कहीं बच्चों की की अधिक संख्या दर्शाकर भोजन बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष तक के बच्चों को केंद्र पर ही भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही हाटकुक्ड योजना जिले में पूरी तरह बदहाल है।

पूर्व में योजना के तहत भोजन निजी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा था, लेकिन शिकायतों के बाद निजी संस्थाओं द्वारा भोजन उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी गई। लगभग चार माह तक योजना के ठप होने के बाद बीते दिनों शासन ने केन्द्रों पर गठित होने वाली मातृ समिति के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया। शुरुआती दौर से ही इसमें मनमानी की शिकायतें आने लगीं।
विज्ञापन


शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए डीएम विवेक के निर्देश पर बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। श्री सिंह आंगनबाड़ी केंद्र सम्मोपुर पहुंचे। यहां कार्यकर्त्री उर्मिला यादव अनुपस्थित मिलीं। एक भी बच्चा केंद्र पर मौजूद नहीं मिला।

इस पर उन्होंने कार्यकर्त्री का एक दिन का मानदेय काटे जाने का निर्देश दिया। सद्दरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम के निरीक्षण में कार्यकर्त्री मीना बाड़ी व सहायिका विमला देवी उपस्थित थीं। यहां 54 के सापेक्ष मात्र 18 बच्चे ही मिले। यहां उन्होंने शतप्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के  निर्देश दिए।

सद्दरपुर आंगनबाड़ी केंद्र द्वितीय में कार्यकर्त्री संगीता वर्मा व सहायिका करोरा देवी उपस्थिति मिलीं लेकिन बच्चे 60 के सापेक्ष मात्र 20 ही मिले। एक बच्चा अतिकुपोषित मिला। श्री सिंह ने बच्चे को पुष्टाहार बढ़ाने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्र भसड़ा प्रथम में कार्यकर्त्री निशा देवी व सहायिक राजपती उपस्थित थीं, लेकिन 68 के सापेक्ष मात्र 30 बच्चे ही मौजूद मिले।द्वितीय केंद्र में हाटकुक नहीं बन रहा था।

इस पर कार्यकत्री इंदू देवी व सहायिका निशा तिवारी से स्पष्टीकरण मांगा। सैदापुर स्थित तीन केंद्रों का निरीक्षण किया तो प्रथम केंद्र पर सुमन देवी व प्रभावती मौजूद मिलीं, जबकि द्वितीय केंद्र पर कार्यकत्री मीरा देवी तो मौजूद रहीं, लेकिन सहायिका दुर्गावती दो माह से बगैर किसी सूचना के अनुपस्थित मिलीं।

इस पर उनकी सेवा समाप्त करने एवं यदि इस दौरान मानदेय की धनराशि निकाली गई हो, तो उसकी रिकवरी किए जाने का निर्देश दिया। तीसरे केंद्र पर कार्यकत्री मिथिलेश व सहायिका श्रीमतीदेवी मौजूद मिलीं। तीनों केंद्रों पर मात्र पांच बच्चे ही मिले। इस पर सहायिका का एक दिन मानदेय काटे जाने का निर्देश दिया।

श्री सिंह आंगनबाड़ी केंद्र सुबारपुर प्रथम के निरीक्षण में कार्यकत्री प्रेमशिला व सहायिका प्रेया देवी उपस्थित मिलीं। यहां 60 के सापेक्ष 10 बच्चे उपस्थित मिले। हाटकुक नहीं बन रहा था। इस पर दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया। द्वितीय केंद्र पर कार्यकर्त्री बिंदू देवी तबियत खराब होने के चलते अनुपस्थित थीं।

हजपुरा केंद्र के निरीक्षण में कार्यकर्त्री सविता देवी अनुपस्थित मिलीं। यहां भोजन भी नहीं बन रहा था। इस पर कार्यकर्त्री का एक दिन का मानदेय काटे जाने का निर्देश दिया। सहायिका शीला देवी ने बताया कि धनराशि दूसरे के खाते में चले जाने के चनलते हाटकुक्ड योजना का संचालन नहीं हो पा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्र कटघरमूसा प्रथम में 50 के सापेक्ष 22 व द्वितीय में 50 के सापेक्ष 16 बच्चे ही मौजूद मिले। उन्होंने छात्र संख्या बढ़ाए जाने का निर्देश दिया। कन्नूपुर केंद्र प्रथम में 84 के सापेक्ष 37 व द्वितीय में 84 के सापेक्ष 23 बच्चे मिले। वाजिदपुर केंद्र के निरीक्षण में 50 के सापेक्ष 33 बच्चे मिले। इस पर श्री सिंह केंद्रों पर शतप्रतिशत बच्चों की उपस्थिति तय करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें