अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव ड्यूटी में लगे 378 सफाई कर्मियों को निर्वाचन कार्यालय से तो कार्य मुक्त कर दिया गया, लेकिन इसमें से 100 से अधिक अब तक तैनाती वाले गांव नहीं पहुंचे हैं। इससे संबंधित क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। संबंधित गांव के प्रधानों ने डीपीआरओ को शिकायती पत्र सौंपकर लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ कार्यालय से ऐसे सफाई कर्मियों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उधर, गंदगी की वजह से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए अलग अलग चरणों में कुल 378 सफाई कर्मियों को विभिन्न कार्य के लिए लगाए गए थे। मतगणना के बाद ज्यादातर सफाईकर्मियों को निर्वाचन कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन कुछ को ईवीएम व वीवीपैट रखने के लिए रोक लिया गया था।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार कुछ दिन पहले सभी कर्मचारियों को कार्य मुक्त कर दिया गया। कार्यमुक्त किए गए 100 से अधिक सफाईकर्मी ऐसे हैं जो अब तक मूल तैनाती वाले गांव नहीं पहुंच सके हैं। नतीजा यह है कि संबंधित गांव में साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। जगह जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है, तो नालियां बजबजा रही हैं।
गंदगी के चलते संबंधित गावों में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बीते दिनों अकबरपुर विकास खण्ड के ग्राम प्रधान अरुण वर्मा, विनोद कुमार व अरविंद कुमार ने डीपीआरओ कार्यालय पहुंचकर जिला पंचायतराज अधिकारी से मुलाकात कर शिकायतीपत्र सौंपा। कहा गया कि सफाई कर्मियों के चुनाव में लगे रहने से लंबे समय से साफ सफाई न होने से गांव में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। इससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका है। ग्राम प्रधान रामतीरथ, गुड्डू सिंह व संजय सिंह ने डीपीआरओ कार्यालय को भेजे शिकायतीपत्र में कहा कि लापरवाही बरतने वाले सफाई कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
निर्वाचन कार्यालय से चुनाव में लगे सभी सफाई कर्मियों को कार्य मुक्त किया जा चुका है। उन्हें संबंधित गांव पहुंचकर साफ सफाई का निर्देश दिया गया है। जो सफाई कर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं,उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
रामअशीष चौधरी, जिला पंचायतराज अधिकारी