इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजीत कुमार ने कहा कि रोजगार सेवकों को नियमित किए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। कहा कि उनका मानदेय का भी भुगतान समय पर नहीं किया जाता। इसके लिए लगातार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाती है, लेकिन संबंधित अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
समय पर भुगतान न होने से उनके समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि रोजगार सेवकों से कार्य तो बराबर लिया जाता है और रोजगार सेवक पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करते भी हैं। इसके बाद भी उनकी मागों का निस्तारण नहीं किया जाता। बाद में विभिन्न मागों संबंधित पोस्टकार्ड डाक के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।
तय किया गया कि यदि उनकी मागों का निस्तारण नहीं हुआ तो 29 जनवरी को कलक्ट्रेट के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि मांग नहीं मानी गई, तो आठ फरवरी से विधान भवन लखनऊ के समक्ष बेमियादी धरना दिया जाएगा।