विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। औद्योगिक नगर के रूप में पहचान रखने वाले टांडा की परिवहन व्यवस्था इन दिनों बदहाली का शिकार है। करीब एक वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से टांडा रोडवेज बस स्टेशन से 38 बसों के संचालन की घोषणा की गई थी। इससे क्षेत्रवासियों में बेहतर परिवहन सुविधा की उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्तमान में मात्र 10 बसें ही संचालित हो पा रही हैं।
टांडा से गोंडा, बहराइच और मऊ के लिए फिलहाल कोई सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। वहीं, टांडा से अकबरपुर के लिए सिटी बस सेवा भी बंद पड़ी है, जिससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को अधिक किराया और समय खर्च करना पड़ रहा है। वर्तमान में टांडा से प्रयागराज, बस्ती, लखनऊ और आजमगढ़ के लिए सीमित बसें चलाई जा रही हैं। बस अड्डा परिसर अक्सर सूना दिखाई देता है, जबकि निजी क्षेत्र में लखनऊ के लिए लगभग दो दर्जन बसें संचालित हो रही हैं। मजबूरन लोगों को प्राइवेट और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
टांडा निवासी राजू गुप्ता का कहना है कि सरकारी बसों की कमी से आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता सुमित्रा ने मांग की कि औद्योगिक नगर टांडा की जरूरतों को देखते हुए शीघ्र अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया जाए। साथ ही टांडा से मंडल मुख्यालय अयोध्या के लिए सिटी बस जैसी नियमित सेवा शुरू कराई जाए।
38 बसों के संचालन की योजना
अकबरपुर डिपो की कुल 10 बसें टांडा रोडवेज से संचालित हो रही हैं, जो प्रयागराज, बस्ती, लखनऊ और आजमगढ़ के लिए चल रही हैं। 38 बसों के संचालन की योजना है, जिनमें से शेष बसें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी।
- हरिओम श्रीवास्तव, एआरएम