कैश संकट के चलते जिले के 20 से अधिक बैंकों में सोमवार को लेनदेन ठप रहा। इससे लगभग 10 हजार उपभोक्ताओं को निराश होकर घर लौटना पड़ा। भीटी में कैश न होने से नाराज उपभोक्ताओं ने बाजार में जाम लगाकर प्रदर्शन किया। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस ने समझा-बुझाकर प्रदर्शन समाप्त करा दिया।
इस बीच जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों में कई उपभोक्ताओं को दो से पांच हजार रुपये तक का ही भुगतान किया गया। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में कैश न होने के चलते ज्यादातर एटीएम के शटर ही नहीं खुले तो जिला मुख्यालय पर 30 में से मात्र 3 एटीएम से ही धन-निकासी हो सकी।
शनिवार व रविवार के अवकाश के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि सोमवार को बैंकों से सुचारु धनराशि निकल सकेगी। हालांकि उनकी उम्मीदों को उस समय झटका लगा जब जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के 20 से अधिक बैंक में कैश की कमी के चलते धन-निकासी नहीं हो सकी।
जिला मुख्यालय पर अकबरपुर-फैजाबाद मार्ग स्थित यूनियन बैंक में कैश न होने का बोर्ड टंग गया तो ग्रामीण बैंक में भी साढ़े 11 बजे तक ही धनराशि निकल सकी। एचडीएफसी, एक्सिस व एसबीआई की प्रमुख शाखाओं को छोड़कर अन्य बैंकों की शाखाओं से धनराशि निकली जरूर लेकिन उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार नहीं।
ज्यादातर बैंकों से अधिकतम पांच हजार रुपये तक की ही मिल सके। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की स्थिति अत्यंत खराब रही। बैंक आफ बड़ौदा भीटी व फैजाबाद जिला सहकारी बैंक भीटी में कैश न होने का बोर्ड शनिवार से ही लटका है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रिउना में भी कैश न होने का बोर्ड टांगा है। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने भीटी बाजार में मार्ग जाम कर दिया और कैश की कमी को लेकर भड़ास निकाली।
पुलिस ने कुछ ही देर में लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त करा दिया। बैंक आफ बड़ौदा जमुनीपुर शाखा में भी धन न होने का बोर्ड शनिवार से ही टंगा है। आलापुर के बॉब शाखा में दोपहर से ही बैलेंस समाप्त हो गया। इससे वहां पहुंचे लोग खासे आक्रोशित हुए। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार न हुआ तो मार्ग जाम किया जाएगा।
टांडा, जलालपुर व बसखारी प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र के बैंकों से उपभोक्ताओं को पर्याप्त भुगतान नहीं हो पा रहा है। संबंधित अधिकारियों के तमाम दावों के बावजूद सोमवार को भी एटीएम सेवा बेपटरी रही। जिला मुख्यालय पर ज्यादातर एटीएम में कैश न होने से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत हुई।
एचडीएफसी, एसबीआई व एक्सिस बैंक के एटीएम से ही धनराशि निकलना प्रारंभ हुई तो देखते ही देखते लंबी कतार लग गई। हालांकि दोपहर होते-होते धनराशि समाप्त हो जाने से लाइन में लगे उपभोक्ताओं को निराश होकर बैंकों का रुख करना पड़ा। उपभोक्ता रमेश कुमार, संजय सिंह, प्रवीण तिवारी व जमशेद ने कहा कि न तो बैंकों में कैश है और न ही एटीएम में।
ऐसे में धन-निकासी कहां से करें। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंकों के सामने एक बार फिर लंबी कतारें दिखीं। लेन-देन के लिए ग्राहक सुबह सात बजे से ही कतारों में लगने लगे थे। घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई बैंक शाखाओं में पैसा नहीं मिल पाया। इससे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
तहसील क्षेत्र के इंदईपुर, रामनगर, जहांगीरगंज, देवरिया, राजेसुल्लतानपुर व गढ़वल आदि बैंक शाखाओं के सामने उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जुटी। कई बैंकों में जहां धन-निकासी नहीं हुई तो वहीं कुछ में उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार धन नहीं मिला।
उपभोक्ता कमलेेश वर्मा, मयाराम व जवाहिर आदि ने प्रशासन से बैंक शाखाओं में पर्याप्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की है। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पर्याप्त कैश की उपलब्धता को लेकर उच्चस्तरीय प्रयास चल रहे हैं। विगत दिनों के सापेक्ष स्थिति में काफी सुधार हुआ है। शीघ्र ही पर्याप्त धनराशि मिलने की संभावना है। इससे स्थिति में बड़े सुधार की उम्मीद है।