फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं पूरी हो सकी तीन वर्ष में भी रिंगरोड निर्माण की उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। रिंगरोड व बाईपास का निर्माण न होने से जिला मुख्यालय पर जाम का संकट दूर नहीं हो पा रहा है। वाहनों का दबाव लगातार बढ़ते रहने के बावजूद वैकल्पिक प्रबंधों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। करीब तीन वर्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रिंग रोड निर्माण की घोषणा की जरूर थी, लेकिन उस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हो पाया। बाईपास निर्माण का मामला भी वर्षों से राज्य सरकारों की प्राथमिकता सूची में शामिल होने की जद्दोजहद में है। इन्हीं परिस्थितियों का खामियाजा हर दिन अकबरपुर नगर में लगने वाले जाम के तौर पर भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

अकबरपुर नगर में यातयात का दबाव दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रहा है। जिले के स्थानीय वाहनों के आवागमन के साथ ही आजमगढ़, अयोध्या, वाराणसी, सुल्तानपुर, जौनपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, मऊ व बलिया आदि जनपदों के लिए हर दिन हजारों वाहनों का आवागमन अकबरपुर नगर से होकर ही होता रहता है। इससे यहां दिन में अक्सर जाम का संकट खड़ा हो जाता है। इसे देखते हुए लगभग डेढ़ दशक से नगर में बाईपास निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन सरकारों का ध्यान इस तरफ नहीं जा सका।
लगभग एक दशक पूर्व लोक निर्माण विभाग ने पवित्र श्रवणक्षेत्र के पास से अयोध्या मार्ग को टांडा मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई। बाद में टांडा से अकबरपुर होते हुए रायबरेली तक नेशनल हाइवे निर्माण की घोषणा हुई। इस मार्ग के निर्माण ने नगर के बाहर से कई प्रमुख मार्गों को आपस में जोड़ दिया। इसे देखते हुए निर्माण कार्य ने गति पकड़ी तो सिर्फ अयोध्या मार्ग से महरुआ मार्ग को जोड़ने व अयोध्या मार्ग से टांडा मार्ग को जोड़ देने की आवाज उठनी शुरू हो गई।
विज्ञापन

स्थानीय नागरिकों व यात्रियों का तर्क था कि यदि इन दोनों मार्गों का निर्माण राज्य या केंद्र सरकार करवा दे, तो नेशनल हाइवे के निर्माण को मिलाकर शहर के बाहर से रिंगरोड जैसी स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए लगभग तीन वर्ष पूर्व जिले के दौरे पर आए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी। इससे स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी।
हालांकि समय बीतने के साथ ही यह उम्मीद तेजी से धूमिल पड़ती जा रही है। इस बीच रिंग रोड या बाईपास का निर्माण न होने का खामियाजा प्रतिदिन अकबरपुर नगर में जाम के संकट के तौर पर देखने को मिल रहा है। इस जाम में फंसकर अक्सर मरीजों तथा छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ता है। इसके बावजूद जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता आम लोगों व यात्रियों के लिए बड़ी चिंता का सबब बनी हुई है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय के अलावा विभिन्न शहरी क्षेत्रों में जाम के संकट को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। सभी जरूरी इंतजाम नियमित तौर पर तय किए जा रहे हैं।
राकेश कुमार मिश्र, डीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें