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गड्ढों में तब्दील होकर रह गया बसखारी हंसवर मुख्य मार्ग

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बसखारी। बसखारी से हंसवर जाने वाला मुख्य मार्ग हादसों को दावत दे रहा है। सड़क की हालत देखकर पता ही नहीं चलता है कि सड़क में गड्ढे बने हैं या गड्ढों में सड़क छिप गई है। कई जगह दो से तीन फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में इस मार्ग से होकर निकलना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। यह बात अलग है कि हर दिन करीब पांच हजार से अधिक लोग इस रोड से गुजरते हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग सड़क दुरुस्त कराने की जरूरत महसूस नहीं कर रहा है।
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प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्ति अभियान की हकीकत परखनी है तो बसखारी-टांडा मुख्य मार्ग को देख लीजिए। सड़क से आवागमन करने की बात तो दूर सड़क में बने जानलेवा गड्ढों को ही देखकर लोगों के पसीने छूट जाते हैं। करीब 10 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मौजूदा समय में हद दर्जे तक टूट चुका है। सड़क की ऊपर परत उखड़ने की बात तो दूर सड़क कई कई जगह दो से तीन फिट धंस कर गड्ढे का रूप ले चुकी है।
इस मार्ग से आवागमन करने में इन दिनों लोगों को काफी कठिनाई करनी पड़ रही है। आवागमन के लिहाज से यह मार्ग काफी उपयोगी है। बसखारी से टांडा जाने के लिए लोग इसी मार्ग का प्रयोग करते हैं। इस सड़क पर सैकड़ों छोटे बड़े वाहनों से लेकर 5 हजार से अधिक की आबादी हर दिन आवागमन करती है। इस मार्ग पर कई इंटर कॉलेज, महाविद्यालय व अन्य विद्यालय संचालित हैं। जान जोखिम में डालकर छात्र छात्राएं आवागमन करने को विवश होते हैं।
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खास बात यह कि संतकबीरनगर व गोरखपुर को जाने के लिए भी इस मार्ग का प्रयोग बड़े पैमाने पर होता है। मकरा निवासी चंद्रभान, अर्जुन कुमार, भगवानपुर निवासी शिवसहाय शुक्ल, महेश शुक्ल, वरुण यादव, अरुण कुमार, चावड़ा निवासी जयवर्धन वर्मा, गाजीपुर निवासी धर्मेंद्र यादव, बाबूराम, काटो निवासी मेवालाल, अजय कुमार, उदयपुर निवासी अब्दुल रहमान, मोहम्मद वसीम आदि ने शासन-प्रशासन से सड़क दुरुस्त करने की मांग की है। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता शंकर्षणलाल का कहना है कि जल्द ही सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।
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