सोल्हवां गांव के निकट जहांगीरगज रजवाहा कट जाने से शुक्रवार देर शाम 150 बीघा से अधिक गेहूं, सरसों व अन्य फसल पानी में डूब गई। सिंचाई विभाग के रवैये से निराश ग्रामीणों ने शनिवार पूर्वाह्न काफी मशक्कत कर किसी तरह कटान पर अंकुश पाया। सूचना देने के बावजूद सिंचाई विभाग के जेई व अन्य अधिकारियों के न पहुंचने से किसानों में खासा आक्रोश का माहौल है।
आलापुर तहसील क्षेत्र के सोल्हवां गांव में शुक्रवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कुछ किसानों ने गांव में आकर सूचना दी कि गांव के दक्षिण जहांगीरगंज रजवाहा की पटरी कट गई है। रजवाहे का पानी काफी वेग से खेतों की तरफ बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंच पाते, पानी का बहाव काफी तेज हो चुका था। कटान का दायरा भी बढ़ चुका था।
किसानों की घंटों मशक्कत के बाद कटान नहीं रुक सकी और रात हो गई। रजवाहे का पानी किसानों के खेतों की तरफ बढ़ता गया। इस बीच किसान शुक्रवार से ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना फोन के जरिये देते रहे लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। शनिवार सुबह भी रजवाहे का पानी खेतों में घुसता रहा फिर भी सिंचाई विभाग के कर्मचारी गांव नहीं पहुंच सके।
रजवाहे में हुई कटान से गेहूं, सरसों, मटर, चना व आलू समेत रबी की कई अन्य फसलें पूरी तरह पानी की चपेट में आ गईं। किसानों का अनुमान है कि रजवाहे के पानी से करीब 150 बीघा फसल चपेट में आयी है। इससे किसानों को भारी क्षति हुई है। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से किसानों में खासा आक्रोश है।
किसानों का कहना है कि यदि सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों की मदद सुनिश्चित की होती तो शायद इतना नुकसान नहीं होता। शनिवार पूर्वाह्न करीब किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद रजवाहे में कटान रोकने में सफलता पाई।
ओमप्रकाश यादव की चार बीघा, राघव तिवारी की दो, गंगोत्री देवी का एक, मालती देवी का पांच, सुदर्शन, कलावती देवी, रामसागर, नरायणी, हरिप्रसाद यादव, वासुदेव, कालिका यादव, रामसूरत, अमरनाथ, राधेश्याम, साधू व रामसिंगार का एक-एक बीघा, उमापति का तीन, श्यामसुंदर का दो, गणेश प्रसाद का दो, वंशराज का एक, गोमती का दो, वीरे यादव का दो, सूर्यनरायण का तीन बीघा फसल डूब गई।
चंद्रभूषण का पांच, राजेंद्र का तीन, त्रिवेणीराम का एक बीघा गेहूं, ओमप्रकाश चौबे व हरीलाल का 10 बिस्वा सरसों, श्यामसुंदर का 12 बिस्वा सरसों व मटर और अच्छेलाल का 10 बिस्वा गेहूं पानी की चपेट में आ गया। दो दर्जन से अधिक किसानों की भी गेहूं व आलू समेत अन्य फसलें चपेट में आ गई हैं।
कटान के बाद पूर्व विधायक त्रिवेणीराम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमनरायण यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दिनेश पांडेय व वरिष्ठ नेता राघव प्रसाद ने ग्रामीणों की मदद के लिए एसडीएम आलापुर को फोन से अवगत कराया। नहर में तत्काल पानी बंद कराने का अनुरोध किया। इससे पहले इन लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता को जानकारी देनी चाही लेकिन उनका मोबाइल बंद जा रहा था।
अवर अभियंता हृदयराम के फोन पर भी ग्रामीणों ने काल की लेकिन रिसीव नहीं हुआ। एसडीएम आलापुर विनय गुप्त ने बताया कि रजवाहा कटान की सूचना मिलने पर मैंने सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता के मोबाइल पर सूचना देने का प्रयास किया लेकिन वह नंबर बंद था। ग्रामीणों ने स्वयं के प्रयास से कटान पर काबू पा लिया है। राजस्व टीम से रिपोर्ट मांगी जा रही है। फोन बंद रहने की सूचना डीएम को दी जाएगी।