टांडा क्षेत्र के माझा कम्हरिया में खेतों के किनारे पहुंची नदी। संवाद
राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। नदी का पानी निचले इलाकों से होते हुए आराजी देवारा के बंधे तक पहुंच गया है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तहसील प्रशासन के कर्मचारियों ने मांझा क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है।
सरयू का जलस्तर बृहस्पतिवार को 85.21 मीटर से बढ़कर 85.24 मीटर पहुंच गया। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी अब खतरे के निशान से महज 32 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद नदी का पानी आराजी देवारा के बंधे के किनारे तक पहुंच गया है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बंधे के किनारे स्थित प्रसाद कुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा और हंसू का पूरा मजरे के आसपास भी पानी पहुंचने की आशंका है।
आराजी देवारा निवासी संतोष और धर्मेंद्र बताते हैं कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल पानी बंधे के किनारे तक ही है। उनके मुताबिक नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर ही क्षेत्र में बाढ़ का असर अधिक दिखाई देता है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव बताते हैं कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है। पानी आबादी से दूर है और किसी भी मजरे में फिलहाल कोई समस्या नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
प्रशासन ने नाव और नाविकों को किया अलर्ट
विद्युतनगर। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीण रात में भी निगरानी कर रहे हैं। उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांव में चौकसी रखी जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर नदी का पानी गांवों और खेतों की ओर पहुंच सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नाव लगा दी हैं। साथ ही नाविकों को भी अलर्ट किया गया है। एसडीएम टांडा संजीव सिंह के अनुसार बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है। बाढ़ के हालात बनने पर तुरंत कार्रवाई शुरू की जाएगी।