जिला मुख्यालय पर लगभग 8 अरब की लागत से रिंगरोड का निर्माण किया जाएगा। यह घोषणा मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने जिला मुख्यालय स्थित लोहिया भवन में की। उन्होंने इस मौके पर लगभग पौने सात अरब की लागत से वाराणसी तक बनने वाले फोरलेन मार्ग के प्रथम चरण का शिलान्यास भी किया।
मंत्री ने 10 हजार करोड़ रुपये से सड़क कार्य भी सांसद की मांग पर कराए जाने की घोषणा की। इससे पहले हुई सभा में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रदेश की दशा व दिशा में परिवर्तन की जरूरत है और यह काम भाजपा सरकार के ही नेतृत्व में संभव है।
मंगलवार को लोहिया भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बस्ती साइड से सरयू पुल से होकर बूढनपुर आबादी तक प्रथम चरण के फोरलेन मार्ग का शिलान्यास समारोह पूर्वक किया। बाद में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में तीन वर्ष के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग साढ़े पांच हजार किमी बढ़ गए।
तीन हजार किमी राजमार्ग और बढ़ाए जाने हैं। उत्तर प्रदेश के लिए लगभग दो लाख करोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का लक्ष्य है। कहा कि सड़कें भी ऐसी बनाई जा रही हैं, जिसमें लगभग 200 वर्ष तक गड्ढा न हो। क्वालिटी सुधारते हुए लागत कम करना है, इस सिद्धांत पर उनका मंत्रालय काम कर रहा है। 285 लाख टन सीमेंट हमने बुक की है, जिससे बेहतर सड़कों का निर्माण तय हो सके।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व आम लोगों से मुखातिब होते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार लाइए, सड़कों की कोई कमीं नहीं रहेगी। उन्होंने सांसद हरिओम पांडेय द्वारा जाम की समस्या का जिक्र तथा नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वर्मा व जिलाध्यक्ष शिवनायक वर्मा द्वारा मंच पर ही पुरजोर समर्थन किए जाने पर लगभग 800 करोड़ की लागत से रिंगरोड का निर्माण जिला मुख्यालय पर पूरा किए जाने की घोषणा की।
परिवहन मंत्री ने क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये के कार्यों से मार्ग निर्माण कराने की घोषणा की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की गति तेजी से बढ़ रही है। इसे और मजबूती प्रदान की जाएगी। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशवप्रसाद मौर्य, अंबेडकरनगर सांसद हरिओम पांडेय, संतकबीरनगर सांसद शरद त्रिपाठी, लालगंज सांसद नीलम सोनकर, अकबरपुर नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वर्मा के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।