फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिंगरोड छलावा, बाईपास भी दूर

विज्ञापन
अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर इस जाम से निजात दिलाने को है रिंगरोड या बाईपास मार्ग की जरूरत - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जाम से निजात के लिए लंबे समय से रिंग रोड व बाईपास की मांग कर रहे जिला मुख्यालय के बाशिंदे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। दरअसल, बसखारी जैसे छोटे कस्बे के लिए तो बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन हर दिन भीषण जाम से जूझ रहे अकबरपुर शहर की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। रिंग रोड निर्माण की तो घोषणा तक हो चुकी है, लेकिन अब तक इसका कोई अता-पता नहीं है। वहीं बाईपास के मामले में भी छलावा ही हुआ है। लोगों का कहना है कि बसखारी को बाईपास मिलना सही है, लेकिन शहर के लिए भी यह बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय पर जाम का संकट दिनों दिन गहराता जा रहा है। एक दशक पहले तक जाम का मुख्य सबब अकबरपुर नगर के मध्य स्थित रेलवे क्रॉसिंग हुआ करती थी। उस पर ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ तो लगा कि शहर में जाम के संकट से राहत मिल जाएगी। हालांकि, ओवरब्रिज बनकर तैयार हो जाने व आवागमन शुरू होने के बाद भी जाम से निजात नहीं मिल पाई। इसकी वजह बनी वाहनों की संख्या में तेजी से होती बढ़ोतरी। नतीजा यह है कि अकबरपुर नगर में हर दिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इसे देखते हुए रिंग रोड निर्माण की मांग तेज होने लगी। इसी बीच टांडा से होकर रायबरेली तक नेशनल हाइवे का निर्माण शुरू हुआ। अकबरपुर नगर के बाहर से यह नेशनल हाईवे गुजरने के कारण टांडा, बसखारी, जलालपुर, मालीपुर, दोस्तपुर व महरुआ मार्ग आपस में जुड़ गए। जरूरत सिर्फ अयोध्या मार्ग से महरुआ मार्ग व अयोध्या मार्ग से टांडा मार्ग को जोड़ने की है।
इस जरूरत के मद्देनजर करीब चार वर्ष पूर्व जिले में आए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शेष मार्गों को एनएच से जोड़ने के लिए रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी। इससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ा है। लोगों ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद भी नितिन गडकरी को अब तक अपने वायदे की सुध नहीं आई है। दूसरी बार उम्मीद तब जगी जब अयोध्या से बसखारी तक के मार्ग के फोरलेन निर्माण की घोषणा हुई। लगा कि फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया में अकबरपुर नगर में बाईपास भी प्रस्तावित किया जाएगा। यह उम्मीद भी बीते दिनों तब धराशाई हो गई जब यह खबर सामने आई कि अकबरपुर को नजरअंदाज कर बसखारी में बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

अकबरपुर नगर में अयोध्या मार्ग से टांडा मार्ग को आपस में जोड़ने के लिए करीब आठ किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग की जरूरत है। पवित्र शिवबाबा के पास से होकर बाईपास मार्ग अकबरपुर टांडा मार्ग पर कटरिया याकूबपुर बाग के पास निकाले जाने का खाका लोक निर्माण विभाग ने मोटे तौर पर खींच रखा है। इसके अनुसार, यह बाईपास करीब आठ किलोमीटर लंबा होगा। इसके बीच में दो रेलवे क्रॉसिंग हैं, जहां रेलवे की अनुमति से ओवरब्रिज बनाना पड़ेगा। हालांकि, जब तक शासन की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती तब तक अधिकृत तौर पर कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हो पा रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि अकबरपुर नगर में रिंगरोड व बाईपास निर्माण के मामले में जनप्रतिनिधियों व सभी राजनीतिक दलों की भूमिका अत्यन्त चिंताजनक है। अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ सत्तारूढ़ दल को सौतेला व्यवहार नहीं करना चाहिए तो वहीं विपक्षी दलों को भी मौन रहने की बजाए आवाज बुलंद करना चाहिए। व्यवसाई नरेंद्र जायसवाल ने कहा कि रिंगरोड की घोषणा करने के बाद उसे पूरा करने की जवाबदेही होनी चाहिए। यह सवाल होना चाहिए कि यदि निर्माण नहीं कराना था तो फिर जनपदवासियों को अनावश्यक उम्मीद क्यों दिखाई गई।
सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि जिला मुख्यालय पर अयोध्या रोड से टांडा रोड को तथा महरुआ रोड से अयोध्या रोड को जोड़ने के लिए बाईपास मार्ग की घोषणा सरकार को करनी ही चाहिए। इसमें अत्यधिक विलंब पहले ही हो चुका है। मालीपुर निवासी रमेश मिश्र ने कहा कि बसखारी बाजार में जाम संकट को लेकर ध्यान देना कतई अनुचित नहीं, लेकिन उचित यह होता कि उसके साथ ही जिला मुख्यालय को भी महत्व दिया जाता। जिला मुख्यालय के संकट को नजरअंदाज करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला मुख्यालय पर बाईपास निर्माण हो, इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएंगे। शासन स्तर पर विचार चल रहा है। जैसे ही कोई निर्णय होता है, जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन

एसके लाल, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें