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जिले में 914 राजस्व गांवों के ग्रामीणों को जल्द मिलेगा स्वामित्व प्रमाणपत्र

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अंबेडकरनगर। भूमि विवाद पर अंकुश लगाने को लेकर केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत जिले में कार्य तेज हो गया है। 1807 राजस्व गावों की तुलना में 914 राजस्व गावों में स्वामित्व योजना के तहत सर्वे का कार्य तेज हो गया है। योजना को लेकर तेजी से चल रही प्रक्रिया का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 620 राजस्व गावों में प्रारूप पांच की फीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। भूमि का सर्वेक्षण कार्य के साथ ही सभी प्रकार की आपत्तियां दूर करने के बाद संबंधित ग्रामीण को घरौनी अर्थात स्वामित्व प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
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अक्सर छोटे छोटे भूखंड को लेकर गावों में होने वाले विवाद पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वामित्व योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत भूमि का सर्वेक्षण करने के साथ ही दावों व आपत्तियों का निस्तारण किया जाना है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे से भूमि का सीमांकन कर मानचित्र लिए जाने का प्राविधान है। सभी प्रक्रिया के निपटारे के बाद राजस्व रिकार्ड में फीडिंग कर संबंधित ग्रामीण को घरौनी की नकल अर्थात स्वामित्व प्रमाणपत्र सौंपने का प्राविधान है। बताते चलें कि पूर्व में केंद्र सरकार ने पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रथम चरण में दस दस राजस्व गावों में योजना के तहत कार्य किए जाने का निर्देश दिया था। शासन के दिशा निर्देश पर कुछ माह पूर्व सर्वे व सीमांकन के बाद राजस्व रिकार्ड में फीडिंग का कार्य पूरा कर जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र ने संबंधित ग्रामीणों को स्वामित्व प्रमाणपत्र सौंपा था।
अब इसी योजना के तहत दूसरे चरण में शासन के निर्देशानुसार जिले के 914 राजस्व गावों में जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। एसडीएम सदर मोईनुल इस्लाम ने बताया कि मौजूदा समय में जिले में 1807 राजस्व गावों की तुलना में 914 राजस्व गावों में योजना संचालित है। इसमें अकबरपुर तहसील क्षेत्र के 341 राजस्व गांव की तुलना में 250 गांव, आलापुर में 472 की तुलना में 226, जलालपुर में 316 की तुलना में 158, भीटी में 257 की तुलना में 131 गांव व टांडा तहसील क्षेत्र के 421 की तुलना में 149 राजस्व गांव में योजना के तहत भूमि सर्वेक्षण, दावों व आपत्तियों के निस्तारण का कार्य तेज कर दिया गया है।
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620 राजस्व गावों में प्रारूप पांच की फीडिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें अकबरपुर तहसील में 114, आलापुर में 180, जलालपुर में 118, टांडा में 127 व भीटी में 81 राजस्व गावों का प्रारूप पांच की फीडिंग की जा चुकी है। सभी चयनित राजस्व गावों के प्रारूप पांच की फीडिंग का कार्य पूर्ण करने के बाद संबंधित ग्रामीणों को घरौनी अर्थात स्वामित्व प्रमाणपत्र उपलबध कराया जाएगा।
स्वामित्व योजना के तहत जिले में दूसरे चरण में 914 राजस्व गावों में भूमि सीमांकन, सर्वे, दावों व आपत्तियों के निस्तारण का कार्य तेजी से चल रहा है। सभी चयनित राजस्व गावों में कार्य पूरा करने के बाद तीसरे चरण में शेष रह गए राजस्व गावों में योजना संचालित की जाएगी।
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डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एडीएम
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