गत चार चुनावों से अन्य वर्गों के लिए आरक्षण के चलते सामान्य वर्ग के लोगों के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सिर्फ दूसरों को जिताने या हराने की रणनीति तय करने तक सीमित हो गया था।
इस बार अध्यक्ष का पद सामान्य होने से दावेदारों की तादाद निश्चित तौर पर समय के साथ बढ़ती दिखेगी। सामान्य श्रेणी की सीट होने के चलते इसमें धनबल व बाहुबल दोनों का प्रयोग भी बढ़ चढ़कर दिखने की उम्मीद है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य होने से इस बार जिपं चुनाव को लेकर सरगर्मी कुछ ज्यादा ही है। अघोषित तौर पर लंबे समय से ही यह माना जा रहा था कि इस बार अध्यक्ष का पद सामान्य श्रेणी का होगा। इससे कई दावेदार सामने आने लगे थे।
अधिकृत घोषणा होने तक दावेदारों अपने पत्ते नहीं खोले थे पर अब सामान्य वर्ग के लिए सीट घोषित होने के बाद आने वाले दिनों में तेजी से दावेदारों के चेहरे खुलकर सामने आएंगे। इस समय जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा काबिज हैं।
सामान्य श्रेणी की सीट होने के चलते इस बार चुनाव भी खासा रोचक होने की पूरी उम्मीद है। भीटी के ब्लाक प्रमख अनिल सिंह आरक्षण के कारण इस बार ब्लाक प्रमुख का चुनाव न लड़ पाने के कारण घर के किसी सदस्य को सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ाने के मूड में हैं।
जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व जिला पंचायत सदस्य सुभाष राय का लक्ष्य इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की तरफ है। वे विधानसभा चुनाव में भी पार्टी टिकट के दावेदार थे, लेकिन निराशा हाथ लगी थी।
सपा के ही एक अन्य जिला पंचायत सदस्य व जलालपुर निवासी विंध्याचल सिंह भी अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अब जेल में बंद माफिया सरगना अजय सिपाही की भी निगाह है। वह भी परिवार के किसी सदस्य को मैदान में उतारने की तैयारी में है।
बहुजन समाज पार्टी की तरफ से अभी तक सामान्य वर्ग का कोई प्रत्याशी सामने नहीं है, लेकिन पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के किसी परिजन के ही चुनाव लडने की अटकलें जोरों पर हैं। भाजपा से पूर्व जिपं अध्यक्ष भारती सिंह भी इस बार पुन: इस सीट पर कब्जा पाने के लिए जोड़ तोड़ में लग गई हैं।