अंबेडकरनगर। मौत से कोई बच नहीं सकता। मौत कब, कैसे और कहां आ जाए, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इसलिए हम सभी को चाहिए कि मौत को प्रत्येक समय याद रखें। यदि ऐसा करेंगे, तो गुनाह करने से बचेंगे। यह बातें बृहस्पतिवार को मौलाना अकबर अली वॉयज ने कहीं। वह अकबरपुर नगर के मीरानपुर स्थित शाही म इमामबारगाह में मजलिस को संबोधित कर रहे थे।
मौलाना ने कहा कि अधिक से अधिक दौलत एकत्र करने के चक्कर में हम दूसरों का हक मारने से नहीं चूकते हैं। अमानत में खयानत करते हैं। गुनाह पर गुनाह करते चले जाते हैं। एक दिन ऐसा आता है, जब मौत हमें आगोश में ले लेती है। इतना मौका भी मौत नहीं देती कि जिस दौलत को हमने दूसरों का हक मारकर एकत्र किया है, उसका इस्तेमाल कर सकें।
हम सभी को चाहिए कि प्रत्येक समय मौत को याद रखें। इससे गुनाह नहीं होगा। किसी की मजबूरी का कभी फायदा नहीं उठाना चाहिए। उसकी मुश्किल को दूर करना चाहिए। ऐसा कोई काम न करें, जिससे सामने वाला आपके लिए बददुआ करे। मौलाना अकबर ने कहा कि हम करोड़ों रुपये खर्च कर आलीशान मकान खड़ा करते हैं। जब उसमें दाखिल होने का वक्त आता है, तो मौत आ जाती है। इसके बाद मिलती है तो अंधेरी कब्र। बाद में उन्होंने करबला के शहीदों पर प्रकाश डालकर सभी को भावुक कर दिया। इस दौरान रेहान जैदी, यासिर हुसैन, कल्बे आबिद, गालिब अब्बास, आरिफ अनवर, अली अस्करी नकवी, दानिखश, अहमद हुसैन आदि मौजूद रहे।