अंबेडकरनगर के अकबरपुर उपनिबंधक कार्यालय में शुक्रवार को इस तरह पसरा रहा सन्नाटा।
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देशभर में 500 व 1 हजार की नोट पर प्रतिबंध लगने का प्रतिकूल प्रभाव भूमि के बैनामे पर भी पड़ रहा है। बड़े नोटों का प्रचलन बंद होने एवं नई नोट उपलब्ध न होने से लोग भूमि की खरीद फरोख्त नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी नोटों पर प्रतिबंध का किस प्रकार रजिस्ट्री पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रतिबंध लगने से पहले अकबरपुर में जहां प्रतिदिन 18 से 20 रजिस्ट्री होती थी, वहीं प्रतिबंध लगने के बाद से इसमें भारी कमीं हुई है। गुरुवार को जहां एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई, वहीं शुक्रवार को मात्र दो रजिस्ट्री ही हो सकी। इससे लगभग 50 लाख रुपये प्रतिदिन की दर से राजस्व को नुकसान हो रहा है।
उपनिबंधक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नई बड़ी करेंसी लोगों को न मिल पाने के चलते ही भूमि के बैनामे का कार्य प्रभावित हुआ है। आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार रजिस्ट्री कार्यालय में गुरुवार को 5 व शुक्रवार को 4 बैनामे हुए।
उपनिबंधक अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि यहां अब तक औसतन 15 रजिस्ट्री बड़ी नोटों पर रोक के पहले होती रही है। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बड़ी नोटों पर प्रतिबंध के बाद से तहसील में भूमि के बैनामे का कार्य प्रभावित हुआ हैै। गुरुवार व शुक्रवार दोनों दिन रजिस्ट्री कार्यालय में सन्नाटा ही पसरा रहा, जबकि आमतौर पर यहां काफी चहल पहल रहा करती थी।
टांडा व जलालपुर प्रतिनिधियों के मुताबिक तहसील मुख्यालय पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालयों में वीरानी इन दिनों पसरी रहती है। स्टांप विक्रेताओं को दिनभर पिछले दो दिन से खाली ही बैठे रहने की मजबूरी बन गई है। कारण यह कि स्टांप खरीदने के लिए आवश्यक करेंसी का प्रबंध कर पाना लोगों के लिए आसान नहीं हो रहा।