अंबेडकरनगर। पुलिस कस्टडी में हुई आजमगढ़ निवासी युवक की मौत के मामले की जांच किसी गैर जनपद से कराने की संस्तुति एसपी आलोक प्रियदर्शी ने की है। फिलहाल मामले की विवेचना अकबरपुर कोतवाल के पास है।
आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र निवासी जियाउद्दीन की बीते दिनों पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने मामला सामने आते ही स्वाट टीम प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह व सात सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। बाद में जियाउद्दीन के भाई शहाबुद्दीन की तहरीर पर एसपी के निर्देश के बाद स्वाट टीम प्रभारी समेत सभी आठ पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या व अपहरण की धाराओं में केस दर्ज हो गया। केस दर्ज होते ही सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
अब एसपी ने जियाउद्दीन की मौत के मामले में पुलिस कर्मियों के विरुद्ध दर्ज मामले की विवेचना गैर जनपद से कराने की संस्तुति की है। पुलिस उपमहानिरीक्षक अयोध्या परिक्षेत्र समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे पत्र में एसपी ने कहा है कि प्रभावित परिवार को यह भरोसा बना रहे कि मामले में निष्पक्ष विवेचना ही होगी, इसलिए प्रकरण की जांच किसी अन्य जनपद से कराना सुनिश्चित किया जाए। फिलहाल अभी यह तय नहीं हुआ है कि विवेचना कब और कहां स्थानांतरित होगी। फिलहाल विवेचना का जिम्मा अकबरपुर कोतवाल अमित सिंह के पास है। उधर, जियाउद्दीन के भाई शहाबद्दीन ने मंगलवार को कहा कि दर्ज हुए केस की विवेचना तेजी से पूरी कराई जाए।