तथ्यों को छिपाकर एक ही भूमि पर प्राथमिक, जूनियर व माध्यमिक की मान्यता लेने का मामला सामने आया है। बीएसए ने मूल विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को नोटिस देकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। कहा गया कि यदि निर्धारित समय पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो मान्यता वापस लिए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
भीटी थाना अन्तर्गत भीटी निवासी मधुकर मिश्र ने जनसूचना के तहत मिली जानकारी के आधार पर रामकल्प विद्यामंदिर मिश्रौली परवरभारी थाना भीटी की शिकायत 7 अक्तूबर 2016 को बीएसए से शिकायत की। इसमें कहा गया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा तथ्यों को छिपाकर कूटरचित ढंग से एक ही भूमि को दिखाकर प्राथमिक, जूनियर व माध्यमिक स्तर तक की मान्यता ले ली गई है।
बीएसए ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी को सौंपी। एबीएसए ने जांच के दौरान पाया कि विद्यालय में एक कमरा पक्का है, जबकि पांच कमरे टीन शेड के हैं। मात्र छह कमरों को गलत ढंग से दिखाकर व तथ्यों को छिपाकर 18 जुलाई 2000 को जूनियर स्तर, 5 सितंबर 2008 को प्राथमिक स्तर तथा 15 जून 2006 को माध्यमिक स्तर की मान्यता ली गई।
खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि तथ्यों को छिपाकर गलत ढंग से एक ही भूमि पर दो अतिरिक्त विद्यालयों के नाम से मान्यता ली गई है, जो कि पूरी तरह गलत है। इस पर तत्कालीन बीएसए ने 19 नवंबर 2016 को प्रबंधक व प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
किसी प्रकार का जवाब न दिए जाने पर अब बीएसए जेएन सिंह ने एक बार फिर से नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण दिए जाने का निर्देश दिया है। कहा गया कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो मान्यता प्रत्याहरण कार्रवाई के लिए डीएम को पत्रावली सौंप दी जाएगी।