अंबेडकरनगर। भाजपा की ओर से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाते ही हंगामा खड़ा हो गया है। 41 सदस्यीय जिला पंचायत सीटों में से 20 से अधिक सीटों पर बगावती तेवर के साथ पार्टी नेता व कार्यकर्ता सामने आ गए हैं। इनमें से ज्यादातर दावेदारों के अनुसार प्रत्याशियों की घोषणा करने में मनमानी की गई है और कार्यकर्ताओं के परिश्रम व उनकी भावना की अनदेखी की गई है। कहा गया कि समर्पित व निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है।
41 सदस्यीय जिला पंचायत के लिए भाजपा ने मंगलवार देर शाम 40 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। इससे तमाम दावेदार अलग-अलग क्षेत्र में अवाक रह गए। दरअसल घोषित हुई सूची में पार्टी के तमाम सक्रिय कार्यकर्ताओं का नाम नदारद था। ऐसे में कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रत्याशियों की घोषणा करने में आम कार्यकर्ताओं के समर्पण व मूल भावना की उपेक्षा की गई है। इसके चलते ही तमाम सीटों पर मजबूती से तैयारी करते आ रहे नेताओं व कार्यकर्ताओं ने टिकट न मिलने के बावजूद मैदान न छोड़ने का निर्णय ले लिया।
भाजपा के जिला मंत्री विकास तिवारी भियांव से टिकट न मिलने पर नाराज हैं। कहा कि लंबे समय से पार्टी को योगदान देने के बाद भी टिकट न देकर अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि मैं रार नहीं ठानूंगा, हार नहीं मानूंगा। विकास ने टिकट न मिलने के बाद भी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। भियांव मध्य से टिकट न मिलने से नाराज भाजपा नेता रजनीश सिंह डब्लू ने निर्दल चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
भीटी चतुर्थ सीट पर पार्टी ने अमरेंद्र पाल को टिकट दिया है। बुधवार को पार्टी के दो नेताओं का ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें वे कहते हुए सुने जा रहे कि अमरेंद्र को टिकट मिलने से वे हतप्रभ हैं। यह भी कहा गया कि अमरेंद्र पाल बीते दिनों तक सपा में थे। ऐसे में उन्हें टिकट देकर आम कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया है।
आलापुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता दशरथ यादव के पुत्र आलोक यादव तथा वरिष्ठ भाजप नेता डॉ. पूनम राय को टिकट न मिलने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है। कटेहरी तृतीय सीट से भाजपा नेता संगम पांडेय टिकट न मिलने से खिन्न हैं। वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक दो दिन में बैठक कर चुनाव लड़ने का निर्णय करेंगे। संगम के अनुसार सीट से जिन्हें टिकट दिया गया है, वे पार्टी में कोई पदाधिकारी नहीं है। उधर, हंसवर के भाजपा नेता शुभम सिंह पालीवाल के समर्थक उन्हें टिकट न मिलने से नाराज हैं। समर्थकों ने शुभम पर निर्दल चुनाव लड़ने का दबाव बना रखा है। कई अन्य सीटों पर भी इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली है।
सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
जिला पंचायत सदस्यों की सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं की नाराजगी मंगलवार देर शाम से ही सोशल मीडिया पर देखने को मिली। टिकट न मिलने से नाराज पार्टी नेताओं ने जहां स्वयं सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नाराजगी व चिंता प्रकट की, वहीं समर्थकों ने जमकर आक्रोश का इजहार किया। बुधवार तक सोशल मीडिया पर नाराजगी जताने वाली पोस्ट भरी पड़ी थी। कार्यकर्ताओं ने आक्रोश का इजहार करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि टिकट देने में जो मनमानी की गई है, वह भारी पड़ेगी। कहा गया कि यह कार्यकर्ताओं के साथ धोखा है। जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।