अंबेडकरनगर। संपत्ति विवाद में शहजादपुर कस्बे में करीब 28 माह पूर्व पिता कृष्णानंद सोनी और बड़े भाई आनंद सोनी की हत्या कर फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि को पुलिस ने सोमवार की भोर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौहन्ना के पास मुखबिर की सूचना पर पुलिस व स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में हुई।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के शहजादपुर कस्बे निवासी कृष्णानंद सोनी अपनी पत्नी सुनीता और बड़े बेटे आनंद सोनी के साथ रहते थे, जबकि छोटा बेटा रवि किराये के मकान में रहता था। गलत संगत के चलते पिता ने उसे घर से निकाल दिया था, हालांकि बाद में रिश्तेदारों के समझाने पर उसे साथ रख लिया गया था और दैनिक खर्च के लिए रुपये भी दिए जाते थे।
इसी दौरान रवि ने अपने बड़े भाई आनंद की पत्नी ज्योति की छोटी बहन शिवानी से प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद पिता कृष्णानंद ने उसे अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर बड़े बेटे आनंद को वारिस घोषित कर दिया था, जिससे रवि नाराज रहने लगा। घटना दो अगस्त 2023 की है। सुबह के समय मां सुनीता शिवाला घाट स्थित शिव मंदिर में पूजा करने गई थीं। इसी दौरान घर पर मौजूद पिता कृष्णानंद की रवि ने गला दबाकर हत्या कर दी। पिता को बचाने पहुंचे बड़े भाई आनंद पर उसने सरिया से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। इस संबंध में सुनीता ने बेटे रवि, उसकी पत्नी शिवानी, ससुर राधेश्याम, साले और बड़ी बहू ज्योति के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
पुलिस ने मामले में ज्योति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी रवि नेपाल भाग निकला था। एसपी ने जून 2024 में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। पुलिस व स्वॉट टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। सोमवार को वह अपनी संपत्ति की जानकारी लेने अकबरपुर आया था, तभी गौहन्ना के पास उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
पहचान छिपाकर पुलिस को देता रहा चकमा
हत्या के बाद रवि ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था और परिजनों व रिश्तेदारों से पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया था। नेपाल से लौटने के बाद उसने लखनऊ को अपना ठिकाना बना लिया। पुलिस से बचने के लिए वह बार-बार हुलिया बदलता रहा। कभी डिलीवरी बॉय बनकर सामान की सप्लाई करता था तो कभी चाट का ठेला लगाकर अपनी पहचान छिपाए हुए था, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में काफी कठिनाई हुई।