अंबेडकरनगर। बसखारी इलाके में 2019 में हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने रामभगेलू को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। बसखारी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 14 जून 2019 को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी पुत्री 12 मई को घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी।
अगले दिन, गांव के लोगों से पता चला कि रामभगेलू और निर्मला देवी 12 मई को उनकी पुत्री के साथ बातचीत कर रहे थे। पूछताछ करने पर रामभगेलू ने पहले तो टाल-मटोल किया, फिर पुत्री को वापस लाने की बात कही। तीन दिन बाद भी वापस न लाने पर बसखारी पुलिस को सूचना दी। 17 मई को पुत्री थाने से वापस मिली।
पुत्री ने बताया कि रामभगेलू उसके साथ धमकी देकर दुष्कर्म करता था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में रामभगेलू के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रामभगेलू को दुष्कर्म व धमकी देने का दोषी पाया। कोर्ट ने रामभगेलू को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।