फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम भरत मिलन का भावुक मंचन देख नम हुईं श्रद्घालुओं की आंखे

विज्ञापन
अंबेडकरनगर के बसखारी में आयोजित राम भरत मिलाप मंचन में शामिल कलाकार - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
बसखारी। पूर्वांचल में प्रसिद्ध बसखारी के राम-भरत मिलाप का मंचन सोमवार रात हर्षोल्लास के साथ हुआ। कलाकारों की यह प्रस्तुति देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। शाम होने के साथ ही बसखारी चौक की तरफ जाने वाले सभी वाहन डायवर्ट कर दिए गए। आधी रात के करीब मुख्य उत्सव का दौर शुरू हुआ। भोर करीब चार बजे विभिन्न प्रसंगों के मंचन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरी रात समूचा बाजार श्रीराम की भक्ति में डूबा नजर आया। बीच-बीच में लग रहे भगवान श्रीराम व भरतजी के जयकारे श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना कर रहे थे।
विज्ञापन

राम-भरत मिलाप मंचन में बसखारी के कलाकारों ने एक बार फिर मोहित कर लिया। पूर्वांचल में प्रसिद्ध इस मंचन की शुरुआत भले ही सोमवार मध्य रात्रि से हुई, लेकिन श्रद्धालुओं क आगमन शाम से ही बाजार में शुरू हो चुका था। रंग-बिरंगी लाइटों से सजी सड़कें बरबस ही लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही थीं। मध्य रात्रि के करीब अयोध्या नगर के रूप में सजी बसखारी बाजार में राम-भरत मिलाप के मंचन का दौर शुरू हुआ।
झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पेड़ पर झूलते राधा-कृष्ण, हवा में झूलते अघोरी बाबा, हवा में साइकिल चलाने का स्टंट करता बालक व चंद्रयान टू मिसाइल की झांकियां ने दर्शकों का खूब मनमोहा। भगवान श्रीराम की शोभायात्रा हाथी-घोड़ों पर ढोल-नगाड़ों के बीच रात करीब दो बजे निकली।
विज्ञापन

बाजार में भ्रमण करते हुए भरत मिलाप गेट के पास पहुंचने पर राम और भरत के मिलन का दृश्य दर्शकों को दिखाया गया। समिति के कलाकारों ने दिखाया कि भरत कुटिया में बैठकर तपस्या कर रहे हैं। भगवान के 14 वर्षों के वनवास के बाद मात्र एक दिन अयोध्या आने में शेष बचा है। भरत कहते हैं कि यदि भगवान इस एक दिन में नहीं आते हैं तो मैं अपने प्राणों को त्याग दूंगा।
भगवान श्रीराम पुष्पक विमान थोड़ा पहले रोककर भक्त हनुमान को भाई भरत के पास भेजते हैं। कहते हैं हनुमान जाकर अयोध्या और भरत की स्थिति देखकर हमारे आने की सूचना दो। हनुमानजी जैसे ही भरत के पास पहुंचते हैं और भरत को भगवान के आने की सूचना देते हैं तो समूचे अयोध्या नगर में जश्न का माहौल शुरू हो जाता है। पूरी अयोध्या भगवान के स्वागत के लिए दीपोत्सव करती है।
भगवान राम अयोध्या पहुंचते हैं और अपनी माया से सबसे एक साथ मिलते दिखाई देते हैं। भगवान श्रीराम-भरत के इस भावुक मिलन को देखकर दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। भाई के लिए दूसरे भाई के प्यार के इस जीवंत मंचन को देखकर सभी भावुक हो जाते हैं। राम के मन में यह भाव आता है कि मां कैकई को ग्लानि न हो इसलिए वह उनसे कई बार मिलते हैं। इसके पश्चात भगवान को आसन पर बैठा कर उनकी आरती उतारी जाती है। पुष्पमाला से भगवान का स्वागत किया जाता है।
भगवान राम के अयोध्या पहुंचने के बाद उनके स्वागत में देवता भी आसमान से पुष्प वर्षा करते हैं। यह मंचन दर्शकों को खूब भाया। इस मंचन को सफल बनाने में रामलीला समिति के व्यवस्थापक प्रदीप कुमार, अध्यक्ष रामकुमार गुप्त, संरक्षक सत्यम सिंगल, रवि प्रकाश, हनुमान साहू, गोपाल चंद्र स्वर्णकार, जयशंकर त्रिपाठी, भागीरथी गौड़, रमेश रावत, राधेश्याम साहू, दिलीप साहू व शैलेश पाठक आदि मौजूद रहे।
चौराहे पर नगर पंचायत की तरफ से अस्थाई प्रशासनिक भवन की व्यवस्था की गई थी। इसमें शाम से ही प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मेले की व्यवस्था को देखने के लिए उप जिलाधिकारी टांडा महेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सिटी धर्मेंद्र सचान मौजूद रहे। तहसीलदार टांडा संतोष कुमार ओझा, नायब तहसीलदार देवआनंद तिवारी, राजस्व निरीक्षक हुसैन अहमद, लेखपाल सुभाषचंद्र एवं संतराम सहित बसखारी पुलिस बड़ी संख्या में आयोजन क्षेत्र में डटी रही। शाम होने के साथ ही बसखारी चौक की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें