फोन पर दी गई धमकी में कहा गया कि यदि उसने खुद को गवाही से नहीं हटाया और
अब तक मुकदमे में खर्च हुए दस लाख रुपये नहीं दिए, तो उसे जान से मार दिया
जाएगा। पीड़ित ने केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दे दी है। मामले में
पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
अलीगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज
निवासी अंकुर गुप्ता पुत्र वेदप्रकाश ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि
बीते 11 सितंबर को दो बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। कहा गया कि यदि तुम और
तुम्हारा परिवार जीवित रहना चाहता है, तो अपने चाचा के मुकदमे की पैरवी
छोड़ दो और अब तक जो 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं, उसे दे दो।
यदि ऐसा नहीं
किया, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो। कहा गया कि धमकी के बाद से वे व
उनके परिवार के सदस्य सहमे हुए हैं। मालूम हो कि हिंदू युवा वाहिनी के जिला
संयोजक रहे स्व. रामबाबू गुप्ता की 3 मार्च 2013 को गोली मारकर हत्या कर
दी गई थी।
इसके बाद हत्या के अहम गवाह राममोहन की चार दिसंबर 2012 को गोली
मारकर हत्या कर दी गई थी। अंकुर के अनुसार उनके पिता वेदप्रकाश गुप्त व वह
स्वयं दोनों हत्याकांड में न्यायालय में चल रहे मुकदमें में गवाही दे रहे
हैं। इससे जनप्रतिनिधि व अन्य लोग उन पर गवाही न देने का दबाव डाल रहे हैं।
बीते दिनों भी उन पर गवाही से हटने का दबाव बनाया गया था। इस पर जब उन
लोगों ने गवाही दिए जाने की बात कही, तो विगत 11 सितंबर को उन्हें जान से
मारने की धमकी दी गई। एसओ ने बताया कि तहरीर मिली है। छानबीन की जा रही है।