पूरे जिले में कई राइसमिलों पर कस्टम मिल्ड राइस का बकाया है। धान के बदले कुटाई कर चावल देने की इस योजना में तमाम राइसमिलों ने बढ़ चढ़कर भाग तो लिया, लेकिन धान की वापसी नहीं की। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद बीते दिनों राइसमिलरों पर बकाया निकालते हुए आरसी जारी की गई थी।
इसी के क्रम में वसूली की कार्रवाई अलग अलग क्षेत्रों में शुरू की गई है। स्थानीय शिवम राइसमिल पर भी लगभग 2 करोड़ 85 लाख रुपये का सीएमआर बकाया है। प्रशासन ने सभी ऐसे राइसमिलरों को यह छूट दी थी कि वे 20 सितंबर तक कम से कम 25 प्रतिशत राशि अवश्य जमा कर दें।
इस क्रम में संबंधित राइसमिल से जुड़े संजय यादव ने इस लक्ष्य को पूरा नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने तय किया कि अब प्रभावश्ी कार्रवाई की जाएगी। रविवार को एसडीएम रमापति ने तहसीलदार रमेश मौर्य व आलापुर थाने की पुलिस बल लेकर राइसमिल पर छापा मारा।
वहां राइसमिल को कुर्क कर लिया गया। संपत्तियों आदि का ब्यौरा एकत्र कराने के साथ ही वहा मिले एक ट्रैक्टर को तहसील ले आया गया। एसडीएम ने बताया कि अब सोमवार से अन्य राइसमिलरों के विरुद्घ भी ऐसी ही कार्रवाई तय की जाएगी।