अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट के निकट मंगलवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
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मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन का कलेक्ट्रेट के निकट चला आ रहा बेमियादी धरना मंगलवार को भी जारी रहा। कहा गया कि किसानों व आम जन के हित को लेकर विभागीय अधिकारी पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन दिन के अंदर कोई भी अधिकारी धरनास्थल पर नहीं पहुंच सका है।
कहा गया कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष हजारीलाल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान हितों को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकारें बढ़-चढ़कर दावे व वादे करती हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
नतीजतन किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक सभी किसानों को सूखा राहत राशि नहीं मिल सकी है।
इसके लिए वे भटकने को मजबूर हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि टांडा स्थित एक केरोसिन डिपो में लंबे समय से घटतौली की जा रही है लेकिन तमाम शिकायत के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजतन इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि संबंधित अधिकारी चाहे जितना उपेक्षा करें, उनके कदम पीछे हटने वाले नहीं हैं। वे लगातार किसानों व आमजन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए पूरी मजबूती के साथ आवाज बुलंद करते रहेंगे। इस दौरान रईस, केशवराम, सिलवंत सिंह, रवींद्र, दुर्गाप्रसाद, शारदा, सावित्री व आनंद आदि मौजूद रहे।