अंबेडकरनगर। पिछले बृहस्पतिवार से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। निर्माण कार्य ठप होने से दिहाड़ी मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
अकबरपुर के तमसा मार्ग पर देव पैलेस मैरिज लॉन के पास पेड़ की डाल टूटकर बिजली के तार में फंस गई और सड़क पर लटकती रही। इससे आवागमन प्रभावित हुआ। शहजादपुर-पहितीपुर मार्ग पर बीच सड़क पेड़ गिर गया। अकबरपुर-दोस्तपुर मार्ग पर जगह-जगह पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं। पटेलनगर के पास नीम का पेड़ उखड़कर सड़क की ओर झुक गया, जिससे हादसे का खतरा बना रहा। बसखारी मार्ग पर उपभोक्ता फोरम के पास भी पेड़ गिर गया। अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर मीरानपुर समेत अन्य स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
बरवा नासिर में नीम का पेड़ रास्ते पर गिर गया। अकबरपुर-इल्तिफातगंज मार्ग पर पेड़ गिरने से करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। बारिश के कारण वन विभाग, नगर पालिका और बिजली विभाग के कर्मचारी समय से मौके पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में कई स्थानों पर लोगों ने खुद पेड़ कटवाकर रास्ता साफ कराया। टांडा के तलवापार मोहल्ले में बरगद का पेड़ गिरने से तीन दुकानों के शेड क्षतिग्रस्त हो गए। जलालपुर-बसखारी मार्ग पर नर्सरी बाजार के पास विशाल अर्जुन का पेड़ गिरने से करीब तीन घंटे आवागमन बंद रहा।
रेहड़ी-पटरी से लेकर दिहाड़ी मजदूरों के आगे संकट
शनिवार को टांडा मार्ग पर रगड़गंज से रोडवेज बस स्टैंड तक सन्नाटा पसरा रहा। रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के साथ अधिकांश पक्की दुकानें भी बंद रहीं। शहजादपुर बाजार में कुछ दुकानें और शोरूम खुले, लेकिन ग्राहक नहीं पहुंचे। रगड़गंज के सब्जी विक्रेता अमरजीत और टिल्ठू ने बताया कि तीन दिनों में ग्राहकों की संख्या काफी घट गई है। दूसरे शहरों से आने वाली सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। रोज का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। फल विक्रेता सनीश चौहान ने बताया कि फल के साथ जूस खरीदने वाले ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं।
शहर से गांवों तक जलभराव, आवागमन मुश्किल
लगातार बारिश से कच्चे रास्ते दलदल में तब्दील हो गए हैं। पक्की सड़कें भी कई जगह उखड़ने लगी हैं। अकबरपुर से शहजादपुर को जोड़ने वाले तमसा नदी के पुल पर जलभराव के साथ जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। कृष्णानगर कॉलोनी जाने वाली कच्ची सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। तमसा मार्ग पर जगह-जगह पानी भरने से सड़क खराब हो गई है। शहर की कई कॉलोनियों के अलावा जलालपुर, टांडा, भीटी और आलापुर तहसील क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में भी जलभराव से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पीएचसी में गिरा विशाल पेड़, हादसा बचा
अशरफपुर बरवां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शनिवार को विशाल पेड़ धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटकर नीचे लटक गए और बिजली का खंभा भी झुक गया। इससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि पेड़ पीएचसी की मुख्य इमारत पर नहीं गिरा।
धान और गन्ने को नुकसान, सब्जियाें की फसलें भी प्रभावित
लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। धान और गन्ने की फसल बड़े पैमाने पर गिर गई है। सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामजीत गौतम ने बताया कि धान की अगेती फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। करीब 30 से 35 हजार हेक्टेयर धान को नुकसान होने की आशंका है। ज्वार, बाजरा, मक्का और अरहर की फसलें भी गिर गई हैं। भीटी क्षेत्र में गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है। भिंडी, तोरिया के साथ बैंगन, टमाटर, खीरा की नर्सरी भी प्रभावित हुई है। उन्होंने किसानों को खेतों से पानी निकालने के तत्काल इंतजाम करने की सलाह दी। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि 28 सितंबर तक बारिश होने के आसार बने हुए हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
बोले किसान...
जलालपुर तहसील क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी लालू यादव ने बताया कि करीब दो बीघा धान की फसल गिर गई है। कर्ज लेकर फसल लगाई थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। अब लागत निकल जाए तो भी बड़ी बात होगी। टांडा के ब्राहिमपुर कुसुमा निवासी अटल वर्मा ने बताया कि 15 बिस्वा अगेती धान की फसल गिरने से नुकसान हुआ है। खेत में पानी भी भर गया है।
टांडा के खासपुर जहांगीरगंज गांव में लल्लू वर्मा की गोशाला पर गिरा पेड़। संवाद
टांडा के खासपुर जहांगीरगंज गांव में लल्लू वर्मा की गोशाला पर गिरा पेड़। संवाद