अंबेडकरनगर। आधे घंटे की बरसात ने अकबरपुर नगर के अयोध्या मार्ग को तालाब में तब्दील कर दिया। घुटने तक पानी हो जानेे के कारण आवागमन घंटों बाधित होता रहा। यही स्थिति बस स्टेशन क्षेत्र की भी रही। दोनों जगहों पर लगातार पानी एकत्र होने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन कोई इंतजाम नहीं कर पा रहा। इस वर्ष पहले भी हुई हल्की बारिश के दौरान भी इसी तरह का जलभराव हुआ था।
इसके बाद भी कोई हल निकालने का प्रयास नही किया जा रहा। इससे पहले दिन भर आसमान में बादलों के उमड़ने-घुमड़ने के बाद शाम को हुई बारिश ने शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्र के लोगों को थोड़ी राहत दी। बारिश से किसानों के चेहरे खिले नजर आए। बारिश से किसानों ने धान रोपाई की तैयारियों को अब और तेज कर दिया है। वहीं शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के संकट ने एक बार फिर नगरवासियों को मुश्किल में डाल दिया।
मौसम के बदले रुख से रविवार दिन में आम लोगों को गर्मी व धूप से निजात मिली रही। सुबह से ही एक बार तेज धूप तो निकली, लेकिन बादलों का दौर शुरू हुआ तो धूप से राहत मिली। कई बार बूंदाबांदी का दौर भी चला लेकिन कहीं-कहीं जगह तेज बारिश न होने से लोग मायूस हुए। हालांकि शाम करीब 5 बजे आसमान में बादलों के उमड़ने से समय से पहले ही अंधेरा छाने लगा। कुछ ही देर में बारिश का दौर शुरू हो गया।
करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। धान रोपाई के कार्य में जुटे किसानों का कहना था कि अभी और बारिश होने की जरूरत है। फिलहाल करीब आधे घंटे हुई बारिश से खेती किसानी के काम को गति जरूर मिल गई है। किसानों के अनुसार रविवार को हुई बारिश से धान रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने में कम पानी लगेगा। उन्हें अब ज्यादा रकम नहीं खर्च करना पड़ेगा।
उधर आधे घंटे की ही बरसात ने अकबरपुर नगर के कई मुख्य मार्गों को जलाशय में तब्दील कर दिया। इनमें अकबरपुर अयोध्या मुख्य मार्ग शामिल है। बनगांव मार्ग के निकट से लेकर शीतला आश्रम के निकट तक का लगभग 200 मीटर का पूरा क्षेत्र घुटने तक पानी से भर गया। नतीजा यह कि इस मुख्य मार्ग पर आवागमन में घंटों का व्यावधान होता रहा। दरअसल यहां एक बार सड़क पर पानी एकत्र हो जाने के बाद उसे निकलने में काफी समय लगता है।
इस वर्ष अभी तक तीन बार हुई बरसात में ही प्रत्येक बार मुख्य मार्ग जलाशय में तब्दील होता रहा, लेकिन नगर पालिका प्रशासन को कोई सुध नहीं हुई। यही स्थिति बस स्टेशन क्षेत्र में भी दिखाई पड़ी। यहां भी सड़क की दोनों पटरियों के साथ ही मुख्य मार्ग पर पानी एकत्र रहा। नतीजा यह रहा कि आवागमन में लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इन दोनों क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मुसीबत पैदल चलने वाले लोगों को हुई। उसमें महिलाओं व बच्चों को तो किसी तरह लोगों ने रास्ता पार कराया। बाइक व साइकिल से जा रहे लोग भी पानी से होकर जाने तथा बड़े वाहनों के आने पर बौछार से भीगने को विवश रहे।