अंबेडकरनगर। बारिश का कहर जिले में जारी है। जैतपुर थाना क्षेत्र के पिंडोरिया गांव में गुरुवार सुबह बारिश के बीच ढहे छप्परनुमा घर के मलबे में एक अधेड़ महिला की दबकर मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम जलालपुर ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों से मुलाकात कर जरूरी सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
उधर, दो अन्य घटनाओं में एक युवती व एक वृद्धा घर ढहने से मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत की गंभीरता को देखते हुए वृद्धा को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहीं, कई अन्य जगह भी कच्चे मकान ढह गए। बिजली के तार टूटने और पेड़ों के गिरने का दौर भी जारी रहा। जलभराव ने तो लोगों का जीना मुहाल कर रही रखा है।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जैतपुर थाना क्षेत्र के पिंडोरिया गांव निवासी हरदेई (58) पत्नी रामदुलार गुरुवार सुबह छप्पर के नीचे चारपाई पर बैठी हुई थीं। तेज बारिश के बीच अचानक दीवार ढह गई। इससे महिला मलबे में दब गई। घटना से मौके पर अफ
रातफरी मच गई। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। कुछ देर के प्रयास के बाद महिला को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो चुकी थी। घरवाले उसे लेकर सीएचसी रफीगंज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसडीएम धीरेंद्र श्रीवास्तव व सीओ अमरबहादुर पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम ने घरवालों को भरोसा दिलाया कि जो भी मदद संभव होगी, उन्हें दिलाई जाएगी।
बेवाना थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव निवासी इमरती देवी (60) पत्नी पहुंरी बुधवार रात छप्परनुमा घर में सो रही थी। रात में हो रही बारिश के बीच अचानक छप्पर ढह गया। इससे वह उसके नीचे दब गई। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने परिवारीजनों के साथ मिलकर महिला को बाहर निकाला। उसे फौरन जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, लेकिन हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र चांदीपुर निवासी बबिता (21) पुत्री राजेंद्र पाल गुरुवार सुबह बारिश के बीच ढही छप्पर के मलबे में दब कर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
स्थानीय इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में दीवार, छप्पर व कच्चा घर ढहने के लगभग एक दर्जन अन्य मामले भी सामने आए। हालांकि इन घटनाओं में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। असल में पिछले कई दिनों से जिले में लगातार बरसात हो रही है। इसके चलते जर्जर दीवारें लगातार जमींदोज हो रही हैं। भूमि के दलदल होने आदि से छप्पर आदि के ढहने की घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हुई है।