अंबेडकरनगर। 72 घंटे से हो रही बरसात ने समूचे जिले में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को पूरे दिन हुई बरसात के बाद बुधवार को भी यही हाल रहा। आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से आलापुर में एक वृद्ध, जबकि बेवाना में वृद्धा की मलबे में दबकर मौत हो गई। इसके अलावा शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव भी बड़ा संकट बना हुआ है। हालांकि, धान की रोपाई करने वाले किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं, मेंथा किसानों के चेहरे लटक गए हैं।
बीते सोमवार से जिले में लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। मंगलवार को लगभग पूरे दिन व बुधवार को भी कभी तेज तो कभी हल्की बारिश ने लोगों की आम दिनचर्या पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। बारिश के चलते ज्यादातर कर्मचारी कार्यालयों में विलंब से पहुंचे। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी प्रभावित हुई। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की बात दूर, शहरी क्षेत्र के लोग भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इससे बाजारों व प्रमुख मार्गों पर आमतौर पर सन्नाटे का माहौल रहा। दुकानदारों का कहना था कि पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। हालांकि उमसभरी भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है।
लगातार हो रही बारिश से धान किसानों के चेहरे खिल उठे। दरअसल बारिश न होने से रोपाई के लिए खेत तैयार न होने से रोपाई का कार्य पिछड़ रहा था। बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के बीच किसानों ने रोपाई का कार्य तेज कर दिया है। झमाझम बारिश के बीच किसान परिवार के सदस्यों के साथ रोपाई में जुट गए हैं। कजरी गाते हुए महिलाएं सुबह से ही रोपाई के कार्य में जुट जाती हैं। यह सिलसिला शाम तक जारी रहता है। अकबरपुर के दीपक कुमार व शीतला प्रसाद ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि इसी प्रकार की बारिश की सख्त जरूरत थी। खेतों में पानी भर जाने से रोपाई में आसानी हो रही है।
जहांगीरगंज के अनिल व मेवालाल ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि कई वर्षों के बाद इस प्रकार की बारिश हुई है। इससे धान की फसल को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है। उधर लगातार हो रही बारिश ने मेंथा किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उत्पन्न कर दी हैं। ज्यादातर मेंथा की कटाई हो चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग 20 प्रतिशत खेतों में मेंथा फसल मौजूद है। बारिश का पानी भर जाने से अब मेंथा फसल के चौपट होने की संभावना बढ़ गई है। मेंथा किसान रामअरज व राजेंद्र ने कहा कि यदि इसी प्रकार से लगातार बारिश होती रही, तो इससे मेंथा फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी।
लगातार हो रही बारिश के बीच आलापुर व बेवाना थाना क्षेत्र में कच्चा घर ढहने से उसमें सो रहे एक वृद्ध व एक वृद्धा की मौत हो गई। आलापुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना अन्तर्गत बिमावल गांव निवासी जितईराम (63) मंगलवार रात छप्परनुमा घर में सो रहा था। मध्यरात्रि करीब अचानक भरभराकर छप्पर ढह गया। इससे वह मलबे में दब गया। घटना से मौके पर हड़कंप मच गया।
आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम भरतलाल सरोज ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों से मुलाकात की और उन्हें आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। उधर बेवाना थाना अन्तर्गत धौरहरा गांव निवासी मूरता देवी (65) मंगलवार रात छप्परनुमा घर में सो रही थी। बारिश के बीच अचानक कच्ची दीवार ढह गई, जिससे वह उसकी चपेट में आ गई।
गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने परिवारीजनों के साथ मलबा हटाना शुरू किया। जब तक उसे बाहर निकाला जाता, तब तक वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो चुकी थी। सांस चलने की उम्मीद में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बाद में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लगातार हो रही झमाझम बारिश से जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह जलभराव की व्यापक समस्या उत्पन्न हो गई। अकबरपुर नगर के अयोध्या मार्ग पर शीतला आश्रम से बनगांव मोड़ तक सड़क पर घुटने तक पानी भर गया।
इसके अलावा शहजादपुर चौक, सब्जी मण्डी, बस स्टेशन क्षेत्र, पटेलनगर तिराहा, कृषि भवन के निकट, कलेक्ट्रेट के निकट, अकबरपुर कोतवाली के निकट भी जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलालपुर, भीटी, बसखारी, केदारनगर, टांडा, रामनगर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी जगह जगह जलभराव हो गया। जलभराव का यह संकट अभूतपूर्व रहा।