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आरएएफ की निगरानी में होगा चुनाव

Tue, 05 Jan 2016 10:26 PM IST
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूराे
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जिले के इतिहास में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव रैपिड एक्शन फोर्स की देखरेख में होगा। दरअसल अध्यक्ष पद को लेकर सपा व बसपा के बीच चल रही तनातनी को देखते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने यह फैसला किया है। सुरक्षा के चाकचौबंद प्रबंध के लिए एक कंपनी आरएएफ के अलावा एक कंपनी पीएसी की भी मांग की गई है। माना जा रहा है कि 7 जनवरी को मतदान के समय किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास हो सकता है। ऐसे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था न रही तो इसके दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
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गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव यहां काफी संघर्षपूर्ण हो चला है। 43 सदस्यों वाली जिला पंचायत में यूं तो बहुजन समाज पार्टी के अधिकतर सदस्य जीते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी द्वारा भी ताकत लगा दिए जाने के बाद से चुनाव रोमांचक हो गया है। बसपा की तरफ से जीत की कमान प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के अलावा प्रत्याशी शोभावती वर्मा के पति पूर्वमंत्री लालजी वर्मा, पूर्व सांसद राकेश पांडेय व वरिष्ठ नेता त्रिभुवन दत्त ने संभाल रखी है। वहीं समाजवादी पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा, जिलाध्यक्ष हीरालाल यादव व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह ने मोर्चा संभाल रखा है। दोनों ही पक्ष जीत के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। इसमें सदस्यों को बाहर भेजने के साथ ही उन्हें वापस बुलाए जाने की कवायद सबसे प्रमुख गतिविधि के तौर पर सामने आयी है। इसी बीच पूर्व सांसद राकेश पांडेय के शराब ठिकानों व उनके आवास पर की गई छापेमारी ने माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है। नतीजा यह है कि दोनों ही पक्षों के बीच इस छापेमारी के बाद से तनातनी बढ़ गई है। इसके अलावा बहुजन समाजवादी पार्टी ने छापे के बाद यह तय किया कि मतदान के दिन जिला मुख्यालय पर भारी भीड़ जुटाई जाएगी, जिससे सत्ता पक्ष द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी किए जाने पर उसका प्रभावी मुकाबला किया जा सके।

इन्हीं सब गतिविधियों के मद्देनजर प्रशासन ने तय किया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रैपिड एक्शन फोर्स की देखरेख में कराया जाए। प्रशासन ने इसके लिए शासन व उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मतदान के लिए एक कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स की डिमांड की है। कहा गया कि यह फोर्स एक दिन पहले 6 जनवरी को ही उपलब्ध हो जाए। इसके अलावा एक कंपनी पीएसी की भी मांग की गई है। बताते चलें कि एक कंपनी में आमतौर पर 100 सिपाही होते हैं। इस तरह प्रशासन ने 100 आरएएफ के जवान व 100 पीएसी के सिपाही मांगे हैं। जिले की फोर्स इसके अतिरिक्त होगी, जो कलेक्ट्रेट व उसके आस-पास चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी। अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने एक-एक कंपनी आरएएफ व पीएसी की डिमांड किए जाने की पुष्टि की है। बताया कि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति से बचने के लिए ही यह प्रबंध किया जा रहा है।
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