जिले के 1752 बूथों पर रविवार को पल्स पोलियो अभियान चला। खराब मौसम के बावजूद लोगों ने निकटवर्ती पोलियो बूथों पर पहुंचकर अपने अपने बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाई। अभियान की शुरुआत जिला अस्पताल में मुख्य विकास अधिकारी ओपी आर्य ने शिशु को पोलियो की खुराक पिलाकर की। लोगों से आह्वान किया कि वे अभियान को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
सीडीओ ने कहा कि पोलियो एक जानलेवा बीमारी है। इसे जड़ से समाप्त करने के लिए विश्वस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। देश को पोलियोमुक्त करने के लिए सभी को आगे आना होगा। इसके लिए सभी को चाहिए कि वह अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथों पर पहुंचकर पोलियो खुराक अवश्य दिलाएं। बगैर सभी के सहयोग के कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता है।
सीएमओ डा. मोहिबुल्लाह ने कहा कि पोलियो अभियान में लगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ एनजीओ कर्मियों से आह्वान किया कि वे पोलियो बूथों पर आने वाले बच्चों को गंभीरतापूर्वक पोलियो की खुराक दें। साथ ही लोगों को इस संबंध में जागरूक भी करें। उन्हें यह भी बताएं कि पोलियो खुराक देने से बच्चों को किसी प्रकार की अन्य बीमारी नहीं होती।
सीएमओ ने बताया कि 3 लाख 23 हजार 733 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य पूरा करने व पोलियो अभियान को सफल बनाने के स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आशा बहुओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं के साथ साथ शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया गया था। परिषदीय विद्यालयों में न सिर्फ एमडीएम बनाया गया, बल्कि बच्चों को गुब्बारा व सीटी भी दी गई।
बताया कि रविवार को चले अभियान में छूटे बच्चों को 3 जुलाई से 7 जुलाई तक चलने वाले अभियान में घर घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इसके लिए 689 टीमों को लगाया गया है। अभियान को सफल बनाने के लिए ब्लाकस्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।
टांडा विकास खण्ड की जिम्मेददारी डा. अशोक गुप्ता, भीटी की डा. सालिकराम पासवान, कटेहरी की विष्णुप्रताप यादव, रामनगर में अरुण कुमार यादव, जहांगीरगंज की डा. ओमप्रकाश गुप्ता, बसखारी की डा. गंगाराम, भियांव की डा. हेमंत कुमार, जलालपुर की डा. सतीराम व अकबरपुर की जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अजय कुमार को सौंपी गई है।