जिला एवं सत्र न्यायालय में शनिवार को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में 449 वादों का निस्तारण किया गया, वहीं 927 लोगों को लाभान्वित किया गया। सवा दो लाख रुपए अर्थदंड लगाने के साथ ही मौके पर उसकी वसूली भी की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में हुई मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का शुुुुभारंभ अपर जनपद न्यायधीश शंकरलाल ने किया। बाद में कुल 31 अदालतें लगाई गईं। अपर जनपद न्यायाधीश राजीव कुमार ने एक सिविल वाद का निपटारा किया।
प्रधान पारिवारिक न्यायाधीश बुद्घिसागर मिश्र ने पांच वैवाहिक व चार भरण पोषण मामले निपटाए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेेश नरायण मणि त्रिपाठी ने 114 फौजदारी मामलों का निपटारा करते हुए 31 हजार पांच रुपए का अर्थदंड लगाया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन महेशचन्द्र वर्मा ने दीवानी के दो तथा उत्तराधिकार के नौ मामले निपटाए। उन्होंने 31 लाख 65 हजार 782 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी निर्गत किया।
सिविल जज सीनियर डिवीजन त्वरित कुलदीप कुमार ने एक दीवानी व दो उत्तराधिकार मामले निपटाते हुए एक लाख 14 हजार 273 रुपए का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन विकास सिंह ने एक दीवानी तथा 16 फौजदारी मामलों का निपटारा करते हुए 200 रुपए का अर्थदंड लगाया।
अपर जिलाधिकारी रामसूरत पाण्डेय ने दो स्टांप वाद का निपटारा करते हुए एक लाख 62 हजार 570 तथा खाद्य सुरक्षा के पांच मामलों का निपटारा करते हुए 35 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। लोक अदालत में कुल 449 मामलों का निस्तारण कर दो लाख 28 हजार 775 रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
इसमें राजस्व न्यायालयों ने 202 मामलों का निपटारा किया। लोक अदालत से कुल 927 लोग लाभान्वित हुए। इसमें अनुसूचित जाति के 234, पिछड़ी जाति के 285, जनजाति के तीन, अल्पसंख्यक वर्ग के 117 तथा सामान्य वर्ग के 288 लोगों को लाभ मिला।
लोक अदालत में फास्ट ट्रैक के जज विनोद कुमार जायसवाल के अलावा न्यायिक कर्मचारी वशिष्ठ कुमार मिश्र, पंकज नायक व गिरिजा वर्मा आदि मौजूद रहे।